रामपुर में हिंदू सम्मेलन के दौरान साध्वी प्राची का तीखा बयान, आज़म खान, लव जिहाद और संभल प्रकरण पर खुलकर रखी राय

Report By : राहुल मौर्य
मसवासी रामपुर : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (Rashtriya Swayamsevak Sangh) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर आयोजित हिंदू सम्मेलनों (Hindu Sammelan) की श्रृंखला के तहत रामपुर जनपद में आयोजित एक बड़े हिंदू सम्मेलन में शामिल होने पहुंचीं साध्वी प्राची (Sadhvi Prachi) ने सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। मसवासी क्षेत्र में आयोजित इस सम्मेलन के दौरान साध्वी प्राची ने मीडिया से बातचीत करते हुए आज़म खान (Azam Khan), संभल प्रकरण (Sambhal Case), लव जिहाद (Love Jihad) और उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था से जुड़े कई सवालों पर तीखे बयान दिए।
मीडिया से बातचीत में साध्वी प्राची ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी समारोह (RSS Centenary Celebration) पूरे भारत में उत्साह के साथ मनाया जा रहा है और उसी क्रम में रामपुर के पास मसवासी में यह विशाल हिंदू सम्मेलन आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में भारी जनसैलाब उमड़ा है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि समाज के लोग राष्ट्र, धर्म और संस्कृति से जुड़े विषयों पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में संघ के वरिष्ठ अधिकारी (Senior RSS Officials), प्रचारक और समाज के अन्य प्रबुद्ध लोग भी उपस्थित रहे और विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर चर्चा हुई।
संभल में जज के ट्रांसफर (Judge Transfer) को लेकर पूछे गए सवाल पर साध्वी प्राची ने कहा कि न्यायिक व्यवस्था में स्थानांतरण की प्रक्रिया चलती रहती है और इसे असामान्य नहीं माना जाना चाहिए। हालांकि उन्होंने संभल में तैनात रहे सीओ सिटी अनुज चौधरी (Anuj Chaudhary) के कार्यों की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि अनुज चौधरी ने जो किया, वह सही किया और ऐसे बहादुर अधिकारी (Brave Officer) जो कानून-व्यवस्था को बनाए रखने के लिए दृढ़ता से खड़े होते हैं, उनका सम्मान होना चाहिए। साध्वी प्राची ने कहा कि समाज को ऐसे अधिकारियों के साथ खड़ा होना चाहिए और उनका धन्यवाद करना चाहिए।
लव जिहाद के मुद्दे पर बोलते हुए साध्वी प्राची ने गहरी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि जहां-जहां एक विशेष समुदाय की संख्या बढ़ती है, वहां लव जिहाद की घटनाएं अधिक देखने को मिलती हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के समय में रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं, जिनमें युवतियों को बहला-फुसलाकर फंसाया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि करीब 20 लड़कियों को लव जिहाद के जाल में फंसाया गया है, हालांकि उन घटनाओं के विस्तृत तथ्य अभी उनके संज्ञान में नहीं हैं, लेकिन बढ़ती घटनाएं गंभीर चिंता का विषय हैं।
मार्ग मेले (Marg Mela) में सनातन परंपरा के अपमान के आरोपों और विपक्ष द्वारा योगी सरकार (Yogi Government) को घेरे जाने के सवाल पर साध्वी प्राची ने कहा कि इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) की कोई गलती नहीं है। उन्होंने कहा कि योगी जी जो भी निर्णय ले रहे हैं, वह उत्तर प्रदेश के हित में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हर बड़े आयोजन में कुछ विवाद खड़े किए जाते हैं और महाराज जी कई बार स्थापित सीमाओं (Boundaries) को पार करते हैं, जिससे विरोधी मुद्दा बनाने की कोशिश करते हैं।
आजम खान को मिल रही सुविधाओं और सुरक्षा की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए साध्वी प्राची ने तीखा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि आजम खान को आखिर किस बात का डर है। उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान पर गरीबों की जमीन हड़पने और षड्यंत्र रचने जैसे गंभीर आरोप रहे हैं। साध्वी प्राची ने दावा किया कि वह स्वयं उस समय मौके पर गई थीं जब वाल्मीकि समाज (Valmiki Community) के घर तोड़े गए थे। उन्होंने कहा कि आजम खान इतने अच्छे नहीं हैं कि उन्हें विशेष सुविधा और सुरक्षा दी जाए।
कुल मिलाकर, रामपुर के मसवासी में आयोजित हिंदू सम्मेलन के दौरान साध्वी प्राची के बयान राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गए हैं। उनके बयानों ने एक बार फिर से कानून-व्यवस्था, सामाजिक संतुलन और राजनीतिक जवाबदेही जैसे मुद्दों को केंद्र में ला दिया है।





