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65 किलोग्राम वाले छः साल के नर तेंदुवे की ट्रेन से कटकर मौत



पोस्टमार्टम करा देवांगना के जंगल में हुवा अंतिम संस्कार

Report By : Sanjay Kumar Sahu,Chitrakoot

चित्रकूट में लगातार वन्यजीवो पर खतरा मंडराता जा रहा है कहने को तो रानीपुर वन्य जीव विहार केंद्र अब प्रदेश का चौथा रानीपुर टाइगर रिजर्व केंद्र बन गया है। लेकिन तेंदुए और टाइगरों को बचाने में अभी भी सरकारों और अधिकारीयों द्वारा कोई ठोस कदम उठाए नहीं जा रहे हैं। जिसका परिणाम यह है कि लगातार तेंदुए और टाइगरों की मौत रेलवे ट्रैक को पार करते समय हो रही है। और वन्य जीव कम होते चले जा रहे हैं। शनिवार की देर रात भी एक ऐसा ही मामला सामने आया है। जहा मारकुंडी और मझगवां रेलवे स्टेशनों के बीच रविवार को एक तेंदुये का शव पड़ा मिला। माना जा रहा है कि यह किसी ट्रेन के नीचे आ गया और इसकी मौत हो गई।



छः साल के तेंदुए का कराया गया पोस्टमार्टम

रानीपुर टाइगर रिज़र्व के मारकुण्डी रेंज क्षेत्र में मारकुंडी और मझगवां रेलवे स्टेशनों के बीच इटवा डुडैला हाल्ट पर ट्रेन की पटरियों में यह तेंदुआ रात में मृत मिला है। इसके शरीर में चोटों के निशान होने से आशंका जताई है कि यह किसी ट्रेन की चपेट में आ गया होगा। रानीपुर वन्य जीव विहार के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि तेंदुआ नर था। और लगभग 65 किलोग्राम वजन वाले इस पशु की उम्र छह साल के आसपास थी। सूचना मिलने पर वन अधिकारियों को मौके पर भेजा गया है और शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद देवांगना के जंगल में लगभग डेढ़ अंतिम से संस्कार कर दिया गया ।



ट्रेनों की धीमी रफ्तार के लिए लिखा पत्र

डिप्टी डायरेक्टर ने कहा कि पहले भी इस संबंध में ट्रेन के अधिकारियों को पत्र लिखा जा चुका है कि इस क्षेत्र में ट्रेन गुजरने के दौरान हार्न बजाया जाए और स्पीड धीमी की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में अब सख्ती की जाएगी, जिससे वन्यजीवों को बचाया जा सके। इसके अलावा बताया कि हाल ही में हुई गणना के अनुसार, रानीपुर टाइगर रिजर्व में लगभग 60 तेंदुये हैं जिनकी सेहत बहुत ही अच्छी है कई बार जब लोग सड़कों से जा रहे होते है तो राहगीर इनकी वीडियो और फोटो शूट कर लेते है। इस टाइगर रिजर्व में खाश बात यह है कि यहां पर्याप्त मात्रा में खाने पीने के संसाधन उपलब्ध हैं इसके अलावा यहां का भौतिक वातावरण इनके रहने के अनुकूल हैं, शायद इसीलिए इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है और इनकी देख रेख के लिए कई टीमो का गठन भी किया गया है जो रातः दिन इनकी निगरानी में में लगी हैं।

मझगवां रेंज के जंगलों में मिले थे तेंदुओं के शव

ज्यादा दिन नहीं बीते जब दो तेदुओं के शव बरामद हुए थे। 25 फरवरी को महज चौबीस घंटे के भीतर मध्य प्रदेश अंतर्गत चित्रकूट अनुभाग के मझगवां रेंज की दो बीटों में दो तेंदुओं के शव मिले थे। पटना पटनी बीट तथा बिरसिंहपुर की ओरमानी बीट में शव बरामद होने से हड़कंप मच गया था। हालांकि तब वन विभाग के अधिकारियों ने मौत की वजह आपसी संघर्ष बताया था।