मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का सड़क परिवहन ढांचा होगा अत्याधुनिक, सुरक्षा और तकनीक पर बड़ा निवेश

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के (Leadership) और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश के सड़क परिवहन ढांचे को (Modern Transport Infrastructure) के अनुरूप विकसित करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। सड़क सुरक्षा (Road Safety), यातायात प्रबंधन (Traffic Management) और तकनीकी सुदृढ़ीकरण (Technological Strengthening) को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए परिवहन विभाग (UP Transport Department) और यातायात निदेशालय (Traffic Directorate) की कई महत्वपूर्ण पूंजीगत एवं राजस्व योजनाओं को मंजूरी प्रदान की है। इन प्रस्तावों को हाल ही में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में स्वीकृति मिली, जिससे यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश सरकार सड़क सुरक्षा को लेकर एक दीर्घकालिक और व्यापक रणनीति पर काम कर रही है।

सरकार का उद्देश्य केवल सड़कों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित, स्मार्ट और तकनीक-संचालित बनाना है। इसी क्रम में अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस (Electronic Enforcement Devices), सीसीटीवी नेटवर्क (CCTV Network) के विस्तार, के-इन-मोशन सेंसर (Weigh-in-Motion Sensors), बीटीटीई इकाइयों के लिए उन्नत प्रशिक्षण उपकरण और इंटरसेप्टर वाहनों (Interceptor Vehicles) की खरीद जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। यह पहल न केवल यातायात नियमों के प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करेगी, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) सहित मुरादाबाद और बलिया जनपद में प्रमुख चौराहों पर इंटीग्रेटेड सीसीटीवी कैमरा सिस्टम (Integrated CCTV System) स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए लखनऊ के प्रमुख चौराहों पर लगभग 4.96 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जबकि मुरादाबाद और बलिया में करीब 3.10 करोड़ रुपये की लागत से सीसीटीवी इंस्टालेशन किया जाएगा। इन कैमरों के माध्यम से ट्रैफिक मूवमेंट की रियल-टाइम मॉनिटरिंग (Real-Time Monitoring), ई-चालान व्यवस्था (E-Challan System) और अपराध नियंत्रण में भी मदद मिलेगी।

परिवहन विभाग द्वारा ड्राइविंग प्रशिक्षण को और अधिक वैज्ञानिक तथा आधुनिक बनाने के उद्देश्य से बीटीटीई (BTTE Units) के लिए ट्रक सिमुलेटर (Truck Simulator) और अन्य तकनीकी उपकरणों की खरीद को भी मंजूरी दी गई है, जिस पर 1.28 करोड़ रुपये व्यय किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त बीटीटीई हांसी इकाई के लिए वाहन खरीद को भी स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे प्रशिक्षण क्षमता में और वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक जोखिम वाले जिलों (High-Risk Districts) की पहचान कर उनमें विशेष तकनीकी उपाय लागू किए जा रहे हैं। राज्य के 25 हाई-रिस्क जिलों में डीआरएससी (DRSC) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक इंफोर्समेंट डिवाइस लगाने की योजना को गति दी गई है। इसके तहत प्रत्येक जनपद के लिए 1 करोड़ रुपये की दर से कुल 25 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। साथ ही शेष जनपदों के लिए 50 लाख रुपये प्रति जिले की दर से अतिरिक्त 25 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इन उपकरणों के माध्यम से ओवरस्पीडिंग (Over Speeding), ओवरलोडिंग (Overloading) और ट्रैफिक उल्लंघनों पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

समीक्षा बैठक में यह भी बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में इंटरसेप्टर वाहनों और अन्य आधुनिक उपकरणों के लिए 19.95 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी, जिसमें से लगभग 17.15 करोड़ रुपये खर्च कर 70 इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा 18 के-इन-मोशन सेंसरों की स्थापना के लिए 14.05 करोड़ रुपये की स्वीकृति पूर्व में ही दी जा चुकी है। इन सेंसरों की प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए प्लेटफॉर्म और अतिरिक्त संरचना (Supporting Infrastructure) के निर्माण हेतु नए प्रस्ताव भी भेजे गए हैं।

प्रदेश में सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता (Road Safety Awareness) बढ़ाना भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। यातायात नियमों के व्यापक प्रचार-प्रसार, साइनेज बोर्ड (Road Signage), इंटरनेट सेवाओं, उपकरणों की मरम्मत, मोबाइल रिचार्ज और विशेष अभियानों के संचालन के लिए 2.10 करोड़ रुपये से अधिक की राजस्व योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही यातायात निदेशालय द्वारा लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से 4,500 आयरन बैरियर, 4,525 फोल्डिंग बैरियर, 7,200 सुरक्षा हेलमेट (Safety Helmets), 8,000 फ्लोरोसेंट जैकेट, 270 ब्रीथ एनालाइजर (Breath Analyzer), 85 स्पीड लेजर गन (Speed Laser Gun) तथा 15 चार-पहिया और 62 दो-पहिया इंटरसेप्टर वाहनों की खरीद की जाएगी।

इन सभी प्रयासों का उद्देश्य प्रदेश में सड़क सुरक्षा व्यवस्था को एक नए स्तर पर ले जाना है, जहां आधुनिक तकनीक (Modern Technology) के साथ सख्त प्रवर्तन और व्यापक जागरूकता का समन्वय हो। सरकार का मानना है कि इन उपायों से न केवल सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी, बल्कि आम नागरिकों को सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद परिवहन व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल राज्य के रूप में उभरने की दिशा में लगातार कदम बढ़ा रहा है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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