विद्यालय परिसर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट तार पर बवाल, पुखरेड़ा स्कूल में ग्रामीणों का जोरदार प्रदर्शन, बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

सीवान : जीरादेई प्रखंड अंतर्गत राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय पुखरेड़ा (Government Upgraded Middle School Pukhreda) में मंगलवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब विद्यालय परिसर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट (11 KV High Tension Line) के विद्युत तार को लेकर स्थानीय ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। प्रशासनिक उदासीनता (Administrative Negligence) से नाराज ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन करते हुए बच्चों की सुरक्षा (Student Safety) को लेकर गंभीर चिंता जताई और तत्काल समाधान की मांग की।

ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर के ठीक बीचों-बीच से गुजर रहा यह हाई वोल्टेज बिजली तार जमीन से मात्र 10 से 12 फीट की ऊंचाई पर लटका हुआ है, जो हर दिन विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए जानलेवा खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में सैकड़ों बच्चे प्रतिदिन पढ़ने आते हैं और खेलकूद के दौरान भी यह तार उनके बिल्कुल ऊपर से गुजरता है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना (Major Accident) हो सकती है।

स्थानीय लोगों ने बताया कि इस खतरनाक बिजली तार के कारण पहले भी कई बार बड़ी अनहोनी होते-होते बची है। बीते 25 और 26 जनवरी को विद्यालय आए करीब 30 से 40 छात्र बाल-बाल बच गए थे। वहीं हाल ही में स्कूल भवन की पेंटिंग (Painting Work) करने आए एक पेंटर भी बिजली तार की चपेट में आ गया था। हालांकि गनीमत रही कि उसकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने खतरे की गंभीरता को और उजागर कर दिया। इन घटनाओं के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता चला गया।

मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर पहुंचे और कक्षाओं में पढ़ रहे बच्चों व शिक्षकों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए विद्यालय में तालाबंदी (School Lockdown) कर दी। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी (Sloganeering) करते हुए हाईटेंशन तार को अविलंब हटाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते कोई बड़ा हादसा हो जाता, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता और क्या प्रशासन तब भी सिर्फ आश्वासन तक ही सीमित रहता।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक (Headmaster) ने बताया कि वर्ष 2024 से ही इस गंभीर समस्या को लेकर उन्होंने कार्यक्रम पदाधिकारी, सीवान (Program Officer, Siwan) तथा प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (Block Education Officer) को कई बार लिखित आवेदन देकर अवगत कराया है। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि कई बार मौखिक रूप से भी अधिकारियों को इस खतरे की जानकारी दी गई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय निवासी अंकित ओझा ने प्रशासन पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि यह बच्चों की जान के साथ खुला खिलवाड़ (Playing with Lives) है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही विद्यालय परिसर से बिजली तार नहीं हटाया गया तो ग्रामीण उग्र आंदोलन (Agitation) और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भविष्य में यदि कोई अप्रिय घटना घटती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित विभागों की होगी।

मामले की जानकारी मिलने पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी मुरारी कुमार ने बताया कि ग्रामीणों की नाराजगी की सूचना के बाद बीआरसी (BRC) से कुंदन कुमार को विद्यालय भेजा गया था। उन्होंने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत की और स्थिति को शांत कराया। बीईओ ने बताया कि इस संबंध में प्रधानाध्यापक द्वारा पहले ही ज्ञापन दिया जा चुका है और अब इस मामले को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (District Education Officer) से बातचीत की जाएगी।

प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने यह भी जानकारी दी कि विद्यालय परिसर से विद्युत तार अथवा ट्रांसफार्मर (Transformer) हटाने के लिए लगभग 92 हजार रुपये का एस्टीमेट (Estimate) तैयार कर लिया गया है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर विद्यालय को इस गंभीर खतरे से मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और समस्या के समाधान के लिए आवश्यक कदम शीघ्र उठाए जाएंगे।

कुल मिलाकर, पुखरेड़ा विद्यालय का यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है, बल्कि ग्रामीण विद्यालयों में बुनियादी सुरक्षा व्यवस्था (Basic Safety Infrastructure) की हकीकत को भी उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन अपने आश्वासनों को कितनी जल्दी जमीन पर उतार पाता है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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