“उत्तर प्रदेश एसटीएफ की बड़ी कामयाबी: खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक बरामद

Report By : स्पेशल डेस्क
लखनऊ उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के खिलाफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सख्त नीति के तहत राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। यूपी एसटीएफ ने गुरुवार को खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के मॉड्यूल से जुड़े एक खतरनाक आतंकवादी लजर मसीह को कौशांबी जिले से गिरफ्तार कर लिया। लजर मसीह महाकुंभ प्रयागराज में आतंकी हमले की योजना बना रहा था।
गिरफ्तारी और बरामदगी:
एसटीएफ और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में लजर मसीह को कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के सकाढ़ा तिराहे से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से भारी मात्रा में घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री बरामद की गई।
गिरफ्तार आतंकी लजर मसीह से बरामद सामान:
03 सक्रिय हैंड ग्रेनेड
02 जिलेटिन रॉड
02 सक्रिय डेटोनेटर
01 विदेशी पिस्टल (Norinco M 54 Tokarev, USSR निर्मित, 7.62 mm)
13 जिंदा कारतूस (7.62 × 5mm S&B विदेशी कारतूस)
01 सैमसंग M14 मोबाइल (बिना सिम कार्ड)
01 फर्जी पते का आधार कार्ड
आतंकी लजर मसीह का आपराधिक इतिहास:
गिरफ्तार आतंकी लजर मसीह अमृतसर, पंजाब का रहने वाला है और पहले भी कई संगीन मामलों में वांछित था। पंजाब पुलिस के अनुसार, वह ड्रग्स, हथियार तस्करी और फिरौती जैसी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त रहा है।
उसके खिलाफ विभिन्न धाराओं में दर्ज मामले:
1. आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मुकदमे
2. पंजाब पुलिस की एसएसओसी यूनिट में दर्ज संगीन मामले
3. बटाला, अमृतसर में विभिन्न अपराधों में संलिप्तता
कैसे हुआ लजर का पर्दाफाश:
23 दिसंबर 2024 को पीलीभीत में हुए एनकाउंटर में तीन खालिस्तानी आतंकियों के मारे जाने के बाद से ही यूपी एसटीएफ और केंद्रीय एजेंसियां सतर्क थीं। खालिस्तानी आतंकवादी और आईएसआई के हैंडलर लजर को प्रयागराज महाकुंभ में आतंकी घटना को अंजाम देने की जिम्मेदारी सौंपना चाहते थे।
गुप्त सूत्रों और पंजाब पुलिस से मिली सूचना के आधार पर यूपी एसटीएफ ने लजर मसीह की तलाश शुरू की। उसे कौशांबी जिले में संदिग्ध गतिविधियों के दौरान पकड़ने में सफलता मिली। पूछताछ में सामने आया कि वह पाकिस्तान में बैठे आईएसआई एजेंटों के संपर्क में था और ड्रोन के जरिए हथियारों की सप्लाई लेता था।
लजर की साजिश और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन:
पूछताछ में लजर ने खुलासा किया कि वह बब्बर खालसा इंटरनेशनल के जर्मन बेस्ड मॉड्यूल के प्रमुख स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी के निर्देश पर काम करता था।
ड्रोन के माध्यम से हथियार और विस्फोटक प्राप्त करना।
महाकुंभ प्रयागराज में आतंकी घटना को अंजाम देने की योजना।
फर्जी पासपोर्ट बनवाकर पुर्तगाल भागने की तैयारी।
आईएसआई एजेंट्स के सीधे संपर्क में होना।
लजर ने यह भी बताया कि उसका एक साथी, जो न्यायालय से 20 वर्ष की सजा प्राप्त कर चुका है, फर्जी पासपोर्ट के जरिए दुबई भाग चुका है। लजर भी यूपी में आतंकी घटना को अंजाम देकर विदेश भागने की फिराक में था।
महाकुंभ प्रयागराज पर खतरा:
खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो कि अमेरिका में रह रहा है, ने पीलीभीत एनकाउंटर के बाद प्रयागराज महाकुंभ में आतंकी हमले की धमकी दी थी। इस इनपुट के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हाई अलर्ट जारी किया गया था।
यूपी एसटीएफ की इस कामयाबी से एक बड़े आतंकी मंसूबे को नाकाम कर दिया गया है। इससे पहले भी यूपी पुलिस ने कई खालिस्तानी आतंकियों को पकड़कर प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित की है।
एसटीएफ की जांच जारी:
एसटीएफ की साइबर टीम लजर के मोबाइल से प्राप्त डेटा का विश्लेषण कर रही है। प्रारंभिक जांच में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ सामने आई हैं, जिससे बब्बर खालसा इंटरनेशनल और आईएसआई के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की जानकारी मिली है।
लजर मसीह को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे और अधिक जानकारी प्राप्त की जा सके।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिक्रिया:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी एसटीएफ की इस बड़ी सफलता की सराहना की है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसी भी आतंकी या राष्ट्रविरोधी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य सरकार प्रदेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
यूपी एसटीएफ की इस कार्रवाई से न केवल एक बड़े आतंकी हमले को रोका गया, बल्कि खालिस्तानी आतंकियों और आईएसआई के बीच के नेटवर्क का भी पर्दाफाश हुआ है। इस सफलता ने उत्तर प्रदेश पुलिस की सतर्कता और दक्षता को एक बार फिर साबित किया है।