कृष्णा बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन, सर्वसमाज को एकजुट करने का आह्वान, निवेदिता मित्तल बोलीं—यही हिंदू संस्कृति की पहचान

Report By : राहुल मौर्य
रामपुर : समाज में एकता, समरसता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के उद्देश्य से कृष्णा बस्ती में विराट हिंदू सम्मेलन (Virat Hindu Sammelan) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्र सेविका समिति (Rashtra Sevika Samiti) की विभाग संयोजक निवेदिता मित्तल ने मुख्य वक्ता के रूप में सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि सर्वसमाज को एकजुट करना ही हिंदू संस्कृति (Hindu Culture) का मूल आधार है और सशक्त राष्ट्र व समृद्ध समाज के निर्माण के लिए सामाजिक भेदभाव और जात-पांत की दीवारों को तोड़ना अत्यंत आवश्यक है।
कृष्णा बस्ती स्थित पार्क में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता (Bharat Mata) के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मुख्य वक्ता निवेदिता मित्तल, शिक्षिका डॉ. मोनिका शर्मा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला सह कार्यवाह अरुण कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। कार्यक्रम की शुरुआत के साथ ही वातावरण राष्ट्रभक्ति और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर गया।

सम्मेलन के दौरान साईं सेकेंडरी स्कूल और आनंद कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रम (Cultural Programmes) प्रस्तुत किए। बच्चों की प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया। विशेष रूप से दिशा शर्मा द्वारा प्रस्तुत शिव स्तुति (Shiv Stuti) ने पूरे पंडाल को भक्तिमय बना दिया। देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रमों के दौरान पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शकों में उत्साह का संचार होता रहा।
मुख्य वक्ता निवेदिता मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage) को विदेशी आक्रांताओं ने समय-समय पर नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया, जिससे हमारी अस्मिता को ठेस पहुंची। उन्होंने कहा कि बावजूद इसके सनातन संस्कृति (Sanatan Tradition) की शक्ति इतनी प्रबल रही है कि 700 वर्षों की मुगल कालीन गुलामी और उसके बाद लंबे समय तक अंग्रेजी हुकूमत के बावजूद भारत आज भी अपनी संस्कृति और सभ्यता पर गर्व करता है। यह हमारी आंतरिक शक्ति और सांस्कृतिक एकजुटता का प्रमाण है।

निवेदिता मित्तल ने समाज की सबसे बड़ी कमजोरी जात-पांत में बंटवारे को बताया। उन्होंने कहा कि जब तक हम जातिगत भेदभाव (Caste Discrimination) से ऊपर नहीं उठेंगे, तब तक राष्ट्र सशक्त नहीं बन सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हम सभी हिंदू हैं और हम सभी का हिंदुस्तान एक है। समाज के प्रत्येक वर्ग को एकजुट होकर सांस्कृतिक एकता (Cultural Unity) और सामाजिक समरसता (Social Harmony) को मजबूत करना होगा, तभी एक समृद्ध भारत का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर शिक्षिका डॉ. मोनिका शर्मा ने युवाओं (Youth) और महिलाओं (Women Empowerment) की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश की उन्नति में इन दोनों वर्गों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षित और जागरूक युवा व महिलाएं ही समाज को नई दिशा दे सकती हैं। उन्होंने सामाजिक जिम्मेदारियों को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित (Felicitation) किया गया। सम्मेलन में नगर प्रचारक अग्निवेश, पूर्व मंत्री शिवबहादुर सक्सेना, भाजपा जिलाध्यक्ष हरीश गंगवार, शहर विधायक आकाश सक्सेना सहित कई जनप्रतिनिधि और समाजसेवी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन रविंद्र प्रताप सिंह ने किया। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति ने सम्मेलन को सफल और प्रभावशाली बना दिया।
कुल मिलाकर, कृष्णा बस्ती में आयोजित यह विराट हिंदू सम्मेलन सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा और समाज को एक सूत्र में पिरोने का मजबूत संदेश देकर संपन्न हुआ।





