गाजीपुर में यूजीसी काले कानून के खिलाफ सवर्ण संगठनों का जोरदार विरोध प्रदर्शन, राष्ट्रपति से कानून वापसी की मांग

Report By : आसिफ अंसारी

गाजीपुर : उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जनपद में यूजीसी (UGC) से जुड़े कथित काले कानून (Black Law) के विरोध में सवर्ण समाज से जुड़े विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन (Protest Demonstration) किया। इस प्रदर्शन का आयोजन क्षत्रिय महासभा (Kshatriya Mahasabha), ब्राह्मण जनसेवा मंच (Brahmin Janseva Manch), पूर्वांचल छात्र सेना (Purvanchal Chhatra Sena), कायस्थ महासभा (Kayastha Mahasabha), ब्राह्मण रक्षा दल (Brahmin Raksha Dal), राष्ट्रवादी जन संग्रह (Rashtrawadi Jan Sangrah) और सवर्ण हिंद फौज (Savarna Hind Fauj) के तत्वावधान में किया गया। प्रदर्शन के माध्यम से यूजीसी कानून को सवर्ण समाज के विरुद्ध बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति (President of India), प्रधानमंत्री (Prime Minister), उपराष्ट्रपति (Vice President) और राज्यपाल (Governor) को संबोधित एक ज्ञापन (Memorandum) जिला अधिकारी (District Magistrate) के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया कि यूजीसी के तहत बनाए गए वर्तमान प्रावधान समाज में असंतुलन और भेदभाव को बढ़ावा दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि यह कानून शिक्षा संस्थानों (Educational Institutions) में भय और पक्षपात का माहौल पैदा कर सकता है, जिससे निष्पक्षता और न्याय प्रभावित हो रहे हैं।

ज्ञापन के माध्यम से तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली मांग यह थी कि यूजीसी की निगरानी में जो भी समिति (Committee under UGC Monitoring) गठित की जाए, उसमें सवर्ण समाज के सदस्यों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए, ताकि संतुलित और निष्पक्ष निर्णय लिए जा सकें। दूसरी मांग में यह कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति झूठी शिकायत (False Complaint) करता है, तो उसके खिलाफ भी जुर्माना (Penalty) और सजा (Punishment) का स्पष्ट प्रावधान किया जाए, जिससे कानून का दुरुपयोग रोका जा सके। तीसरी और सबसे प्रमुख मांग यह रही कि यूजीसी से संबंधित इस काले कानून को पूरी तरह वापस लिया जाए।

विरोध प्रदर्शन में पूर्वांचल छात्र सेना के प्रदेश संयोजक निमेष पांडे (Nimesh Pandey) प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उनके साथ शिवम उपाध्याय, अंशु पांडे, उमेश पांडे, गोपाल पांडे, अभिषेक तिवारी, विवेक तिवारी, मिट्ठू पांडे, चमचम चौबे, मनीष तिवारी, कृष्णानंद उपाध्याय, विवेकानंद पांडे, ऋषिकांत श्रीवास्तव, अरुण श्रीवास्तव, राजू उपाध्याय, अनूप उपाध्याय, सौरभ तिवारी, अजीत उपाध्याय, राहुल दुबे, अमित पांडे, अखिलेश पांडे, मोनू तिवारी, धनंजय मिश्रा, विराट पांडे, शिवम चौबे, राहुल तिवारी, राज कुमार सिंह, भूपेन्द्र सिंह, अमन सिंह, अभय सिंह, छोटू सिंह, दिव्यांशु सिंह, आशीष सिंह, भोलू सिंह, दीपू सिंह, आनंद मोहन सिंह, अरविंद सिंह, काजू सिंह, चंदन सिंह, शेरू सिंह, सत्यजीत सिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक उपस्थित रहे। भारी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने प्रदर्शन को प्रभावशाली और संगठित रूप दिया।

प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी कानून के मौजूदा स्वरूप से समाज के एक वर्ग को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों (Democratic Values) और सामाजिक समरसता (Social Harmony) के खिलाफ है। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय रहते इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

वक्ताओं की अगली कड़ी में पूर्वांचल छात्र सेना के प्रदेश संयोजक निमेष पांडे ने कहा कि यह आंदोलन एक दिन का नहीं है, बल्कि यह क्रमबद्ध (Phase-wise Movement) तरीके से लगातार चलता रहेगा। उन्होंने घोषणा की कि आंदोलन की अगली कड़ी में 31 जनवरी को सरजू पांडे पार्क (Sarju Pandey Park) में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा, जिसमें और अधिक संख्या में लोग शामिल होंगे। उन्होंने सभी संगठनों और समाज के लोगों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।

कुल मिलाकर, गाजीपुर में हुआ यह विरोध प्रदर्शन यूजीसी कानून को लेकर बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जाएगा, तब तक यह आंदोलन शांतिपूर्ण लेकिन निर्णायक तरीके से जारी रहेगा।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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