UGC के खिलाफ राष्ट्रीय सवर्ण क्रांति सेना का प्रदर्शन, अध्यक्ष पूनम सिंह ने DM को सौंपा ज्ञापन

रिपोर्ट: तारकेश्वर प्रसाद|कर्मक्षेत्र टीवी
बिहार के भोजपुर जिले के आरा में सोमवार को राष्ट्रीय सवर्ण क्रांति सेना द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की प्रस्तावित नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज कराया गया। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भोजपुर की जिलाधिकारी तनया सुल्तानिया को एक ज्ञापन सौंपकर UGC के नए प्रावधानों पर गहरी आपत्ति जताई।
ज्ञापन सौंपने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम सिंह ने कहा कि UGC द्वारा लाए जा रहे नए नियम सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के हितों के खिलाफ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों में सामान्य वर्ग के लिए किसी भी प्रकार का स्पष्ट शिकायत निवारण तंत्र नहीं रखा गया है, जिससे इस वर्ग के छात्र और शिक्षक न्याय से वंचित हो सकते हैं।
पूनम सिंह ने कहा कि प्रस्तावित नियमों में झूठी शिकायतों के खिलाफ दंडात्मक प्रावधानों को हटा दिया गया है, जो अत्यंत चिंताजनक है। इससे किसी भी छात्र या शिक्षक के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के झूठी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती है और निर्दोष व्यक्तियों को मानसिक, सामाजिक और शैक्षणिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों में इस तरह के प्रावधान लागू होने से भय और असुरक्षा का माहौल बनेगा, जिससे पढ़ाई और शोध जैसे मूल उद्देश्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित ‘इक्विटी स्क्वॉड’ और निगरानी तंत्र पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि कई शिक्षाविद इसे ‘सर्विलांस कल्चर’ की संज्ञा दे रहे हैं, जिससे शैक्षणिक स्वतंत्रता प्रभावित होगी। शिक्षकों और छात्रों पर हर समय निगरानी रहने से अभिव्यक्ति की आज़ादी और अकादमिक विमर्श बाधित हो सकता है।
पूनम सिंह ने आशंका जताई कि UGC के इन प्रावधानों से शैक्षणिक संस्थानों में जातिगत भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इससे छात्र-छात्राओं के बीच आपसी टकराव की स्थिति बन सकती है और एक वर्ग खुद को कमजोर या हाशिए पर महसूस करने लगेगा, जो सामाजिक समरसता के लिए घातक है।
अपने बयान में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण के दौरान दिए गए उस वादे का भी उल्लेख किया, जिसमें सभी जातियों को एकजुट रखने की बात कही गई थी। पूनम सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि आज UGC के माध्यम से जो नीतियां लाई जा रही हैं, वे उस भावना के विपरीत हैं और सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
ज्ञापन के जरिए रखी गई मांगें
राष्ट्रीय सवर्ण क्रांति सेना ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि:
UGC के नए नियमों को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए
सामान्य वर्ग के छात्रों और शिक्षकों के लिए स्पष्ट शिकायत निवारण प्रणाली बनाई जाए
झूठी शिकायतों पर सख्त दंडात्मक प्रावधान बहाल किए जाएं
विश्वविद्यालयों में निगरानी तंत्र लागू करने से पहले शिक्षाविदों और छात्रों से व्यापक संवाद किया जाए
संगठन ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।




