जिले के सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण, मरीजों को गुमराह करने की शिकायतों पर प्रशासन सख्त

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद|कर्मक्षेत्र टीवी

आरा: जिला पदाधिकारी भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया के स्पष्ट निर्देश के आलोक में जिले के वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों एवं अनुभवी चिकित्सकों की एक संयुक्त टीम द्वारा भोजपुर जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों का व्यापक निरीक्षण किया गया। यह कार्रवाई उन लगातार मिल रही शिकायतों के मद्देनज़र की गई, जिनमें यह आरोप लगाया जा रहा था कि सरकारी अस्पताल परिसरों में आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी नर्सिंग होम, निजी जांच केंद्रों एवं निजी दवा दुकानों की ओर भेजा जा रहा है। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करना, मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराना तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पर तत्काल रोक लगाना रहा।

निरीक्षण के दौरान संयुक्त टीम ने अस्पताल परिसरों का गहन अवलोकन किया और यह परखा कि कहीं किसी निजी स्वास्थ्य संस्थान या उनके कथित एजेंटों द्वारा मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी संस्थानों में इलाज कराने, निजी जांच केंद्रों में जांच करवाने अथवा निजी मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने के लिए प्रेरित तो नहीं किया जा रहा है। इस क्रम में अधिकारियों ने अस्पतालों के विभिन्न विभागों, पंजीकरण काउंटर, ओपीडी, जांच कक्ष एवं दवा वितरण केंद्रों का भी निरीक्षण किया।

निरीक्षण टीम ने मौके पर मौजूद चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं अन्य संबंधित कर्मियों से कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ की। साथ ही मरीजों से भी संवाद कर उनकी समस्याओं, उपचार प्रक्रिया एवं उन्हें दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई। अधिकारियों ने अस्पताल से जुड़े अभिलेखों, दवा वितरण रजिस्टर, जांच पर्चियों तथा अन्य दस्तावेजों की भी बारीकी से जांच की, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या मिलीभगत का पता लगाया जा सके।

निरीक्षण के दौरान टीम ने स्पष्ट रूप से चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर मरीजों को गुमराह करने, निजी संस्थानों से साठगांठ रखने या सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की छवि धूमिल करने का मामला सामने आता है, तो संबंधित दोषियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में किसी भी निजी संस्था के ब्रोशर, पर्चे या प्रचार सामग्री पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

इस पूरे मामले पर जिला पदाधिकारी भोजपुर श्री तनय सुल्तानिया ने दो टूक कहा कि सरकारी अस्पतालों में आने वाले प्रत्येक मरीज को निःशुल्क, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मरीजों की मजबूरी का लाभ उठाकर उन्हें निजी संस्थानों की ओर मोड़ना गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला पदाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण नियमित रूप से किए जाएंगे, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बनी रहे और आमजन का सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर विश्वास मजबूत हो। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर, सुलभ और भरोसेमंद इलाज मिले, जिससे उन्हें अनावश्यक रूप से निजी संस्थानों के चक्कर न लगाने पड़ें।

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