गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सिवान में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्वावधान में

विशेष संवाददाता बिहार| कर्मक्षेत्र टीवी

सीवान: गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सिवान में सिविल इंजीनियरिंग विभाग के तत्वावधान में भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा 2026 का सफल आयोजन किया गया। यह पखवाड़ा 15 जनवरी से 29 जनवरी 2026 तक चला, जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं महाविद्यालय के कर्मचारियों को भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक करना तथा आपात परिस्थितियों में सुरक्षित, त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए तैयार करना रहा।

भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा के दौरान महाविद्यालय परिसर में कई शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। इनमें विशेषज्ञों के व्याख्यान, विद्यार्थियों द्वारा भूकंप जागरूकता विषय पर प्रस्तुतियाँ, निबंध प्रतियोगिता एवं क्विज प्रतियोगिता प्रमुख रहीं। इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और आपदा प्रबंधन से संबंधित महत्वपूर्ण एवं व्यवहारिक जानकारियाँ प्राप्त कीं। कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों को यह समझाया गया कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान सही जानकारी और सतर्कता किस प्रकार जान-माल की क्षति को कम कर सकती है।

इसी क्रम में 27 जनवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में भूकंप सुरक्षा को लेकर एक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान भूकंप के समय अपनाई जाने वाली आपातकालीन प्रतिक्रिया तकनीकों, सुरक्षित निकासी प्रक्रियाओं, प्राथमिक बचाव उपायों तथा राहत एवं पुनर्वास कार्यों का जीवंत प्रदर्शन किया गया। इस अभ्यास ने विद्यार्थियों और कर्मचारियों को वास्तविक आपदा की स्थिति में संयमित एवं संगठित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार किया।

मॉक ड्रिल के दौरान मुख्य वक्ता श्री धीरज कुमार ने वास्तविक आपदा परिस्थितियों में संयम बनाए रखने, त्वरित निर्णय क्षमता विकसित करने तथा आपसी समन्वय के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आपदा के समय घबराहट से स्थिति और गंभीर हो सकती है, जबकि सही प्रशिक्षण और जागरूकता से जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम समन्वयक प्रो. सिद्धार्थ सिंह ने अपने व्याख्यान में जानकारी दी कि भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा वर्ष 2025 में भूकंपीय ज़ोन मानचित्र में महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। उन्होंने बताया कि नए संशोधनों के तहत कुछ क्षेत्रों की भूकंपीय संवेदनशीलता का पुनर्मूल्यांकन किया गया है, जिससे भवन डिज़ाइन, संरचनात्मक सुरक्षा और निर्माण मानकों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता उत्पन्न हुई है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे नवीन बीआईएस कोड्स एवं अद्यतन भूकंपीय ज़ोनिंग को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित और टिकाऊ संरचनाओं के डिज़ाइन पर विशेष ध्यान दें।

इस संपूर्ण कार्यक्रम का समन्वय प्रो. सिद्धार्थ सिंह एवं प्रो. मोहम्मद तुफैल खान द्वारा किया गया। उनके कुशल मार्गदर्शन एवं समन्वय से पखवाड़े के अंतर्गत आयोजित सभी गतिविधियाँ सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। आयोजन में सिविल इंजीनियरिंग विभाग की सक्रिय भूमिका सराहनीय रही।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सूर्य कांत सिंह ने कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को केवल तकनीकी रूप से दक्ष ही नहीं बनाते, बल्कि उन्हें जिम्मेदार नागरिक और समाज के प्रति सजग अभियंता बनने की प्रेरणा भी देते हैं। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग विभाग एवं एसडीआरएफ टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए ऐसे कार्यक्रमों को भविष्य में भी आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

भूकंप सुरक्षा पखवाड़ा 2026 का यह आयोजन गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज, सिवान में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। इस आयोजन से विद्यार्थियों एवं कर्मचारियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ी है और आपात परिस्थितियों से निपटने का आत्मविश्वास भी मजबूत हुआ है।

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