हथियार के बल पर किशोरी का अपहरण, छह दिनों तक बनाया बंधक कर किया दुष्कर्म

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद | कर्मक्षेत्र टीवी

आरा: बिहार के भोजपुर जिले से मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। जिले के धनगाई गांव में हथियार के बल पर एक नाबालिग किशोरी का अपहरण कर उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर दुष्कर्म किए जाने का गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

पीड़िता के अनुसार, 19 जनवरी की देर शाम वह शौच के लिए खेत की ओर गई थी। लौटने के दौरान उसी गांव के मिथुन चौधरी नामक युवक ने देशी कट्टा दिखाकर उसे जबरन पकड़ लिया। आरोपी ने किशोरी का मुंह बांध दिया और उसे घसीटते हुए अपने घर ले गया। इसके बाद एक कमरे में बंद कर छह दिनों तक लगातार उसके साथ दुष्कर्म किया गया।

किशोरी ने आरोप लगाया है कि इस अमानवीय कृत्य में आरोपी के पिता मनजी चौधरी की भी संलिप्तता है। पीड़िता का कहना है कि आरोपी का पिता घर के बाहर पहरा देता था और अपने बेटे को अपराध करने में मदद करता रहा। आरोप है कि घर में बाहर से ताला लगाकर किशोरी को कैद में रखा गया था, जिससे वह किसी तरह की मदद नहीं मांग सके।

लगातार मानसिक और शारीरिक यातनाओं के बीच 25 जनवरी को किशोरी किसी तरह आरोपियों की चंगुल से भागने में सफल रही और अपने घर पहुंची। घर पहुंचते ही उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामले का खुलासा हुआ।

पीड़िता की लिखित शिकायत के आधार पर स्थानीय थाना में आरोपी मिथुन चौधरी और उसके पिता मनजी चौधरी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल परीक्षण कराया है और न्यायालय में बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।

थानाध्यक्ष विश्वजीत कुमार ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया गया है। प्राथमिकी दर्ज होते ही आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपी पिता-पुत्र फरार बताए जा रहे हैं।

इधर, घटना को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। जगदीशपुर के पूर्व विधायक भाई दिनेश ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज को शर्मसार करने वाली हैं। उन्होंने ऐलान किया कि वे 30 जनवरी को पीड़ित परिवार से मुलाकात करेंगे और यदि जल्द गिरफ्तारी नहीं होती है तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।

घटना के बाद से गांव और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। स्थानीय लोग पीड़िता को न्याय दिलाने और आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल सभी की निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Related Articles

Back to top button