मोबाइल बना मौत का कारण, शक में अंधे पिता ने बेटी को पीट-पीटकर मार डाला, कोर्ट ने सुनाई 10 साल की सश्रम कैद

Report By : संजय साहू चित्रकूट

चित्रकूट : जिले में रिश्तों को कलंकित करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना पर अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। मोबाइल फोन पर बात करने को लेकर उपजे शक ने एक पिता को इतना अंधा बना दिया कि उसने अपनी ही 17 वर्षीय बेटी को बेरहमी से डंडों से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। इस जघन्य अपराध में दोष सिद्ध होने पर सत्र न्यायाधीश शेषमणि ने आरोपी पिता को 10 वर्ष के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अदालत ने उस पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

यह मामला चित्रकूट जनपद के रैपुरा थाना क्षेत्र के इटवा गांव का है। अभियोजन पक्ष के अनुसार आरोपी पिता बवोचन अपनी नाबालिग बेटी नीतू देवी के मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर लगातार शक करता था। उसे बेटी के किसी से बात करने पर आपत्ति थी और इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता रहता था।

घटना वाले दिन भी इसी शक ने खौफनाक रूप ले लिया। बताया गया कि गुस्से में तमतमाए पिता ने अपनी बेटी को डंडों से बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया। मारपीट इतनी बेरहमी से की गई कि नीतू देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी पिता घर से फरार हो गया।

मृतका के मामा मैयादीन को जब भांजी की मौत की सूचना मिली तो वह तत्काल गांव पहुंचे। वहां का मंजर और ग्रामीणों की बातें सुनकर उनके होश उड़ गए। ग्रामीणों ने बताया कि पिता ने मोबाइल पर बात करने के शक में बेटी को इतनी बेरहमी से पीटा कि उसकी जान चली गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर साक्ष्य एकत्र किए और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध किए।

शुक्रवार को सत्र न्यायालय ने मामले में फैसला सुनाते हुए आरोपी पिता को गैर इरादतन हत्या का दोषी माना और उसे 10 साल के कठोर सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को समाज के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि शक, गुस्सा और तथाकथित इज्जत के नाम पर किसी की जान लेने वालों को कानून बख्शने वाला नहीं है।

यह घटना न सिर्फ एक बेटी की दर्दनाक मौत की कहानी है, बल्कि उन सोचों पर भी सवाल खड़े करती है, जहां शक और नियंत्रण के नाम पर रिश्तों को कुचल दिया जाता है।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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