पानी नहीं मिला तो तुरंत सस्पेंड होंगे अधिकारी, 40 गांवों में जांच को तैयार : जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह

पानी और खुदी सड़कों को लेकर मंत्री का सख्त रुख, बहसबाजी के बीच प्रशासन में मचा हड़कंप

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

जल संकट और पेयजल आपूर्ति को लेकर उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह (Jal Shakti Minister Swatantra Dev Singh) का सख्त और स्पष्ट बयान सामने आया है। उन्होंने दो टूक कहा कि जहां पानी नहीं मिल पा रहा है, उस गांव का नाम बताया जाए, वह स्वयं कार्यक्रम छोड़कर गांव में पहुंच जाएंगे।

मंत्री ने कहा कि वह चार-पांच नहीं, बल्कि 40 गांवों (40 Villages) में जाकर स्थिति की जांच करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पानी देना उनका दायित्व है और इस कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने कहा कि यदि किसी गांव में पानी नहीं मिला, तो संबंधित अधिकारी को तुरंत निलंबित (Suspended) कर दिया जाएगा।

स्वतंत्र देव सिंह ने यह भी कहा कि यदि कहीं सड़कों की खुदाई के बाद भी पानी की आपूर्ति बाधित पाई गई, तो उस स्थिति में भी संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी उनके साथ मौके पर चल रहे हैं और जिम्मेदारी तय की जाएगी।

बताया जा रहा है कि इस दौरान करीब एक घंटे तक बहसबाजी और नोकझोंक का माहौल बना रहा। मंत्री बार-बार यह कहते रहे कि बिना ठोस तथ्यों के पानी और खुदी सड़कों को लेकर आरोप लगाना अनुचित है। आरोप है कि विधायक बृजभूषण (Brijbhushan) ने तथ्यों को सुने बिना ही बार-बार आरोप लगाने का प्रयास किया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

जल शक्ति मंत्री के इस सख्त रुख के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों में यह संदेश स्पष्ट रूप से चला गया है कि पेयजल आपूर्ति में लापरवाही अब सीधे कार्रवाई (Action) का कारण बनेगी।

मंत्री के बयान को जल संकट के प्रति सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति (Zero Tolerance Policy) के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में गांवों में पेयजल आपूर्ति की वास्तविक स्थिति की जमीनी जांच तेज होगी और लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई तय है।

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