कृषि और कर व्यवस्था पर संतुलित बजट का फोकस, आय वृद्धि से लेकर ईज ऑफ डूइंग बिजनेस तक दिखी स्पष्ट दिशा

Report By : आसिफ अंसारी

नई दिल्ली : हालिया बजट (Union Budget) को लेकर कृषि एवं कर व्यवस्था (Agriculture and Tax System) के संदर्भ में सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। बजट के निष्कर्षों का विश्लेषण करते हुए सीए आनंद सिंह (CA Anand Singh) ने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से किसान आय (Farmer Income) बढ़ाने और करदाताओं को राहत देने की दिशा में केंद्रित नजर आता है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ-साथ कर प्रणाली को सरल और पारदर्शी बनाने का प्रयास इस बजट की प्रमुख विशेषताओं में शामिल है।

विश्लेषण के अनुसार, इस बजट में पारंपरिक खेती के साथ-साथ उच्च-मूल्य फसलों (High Value Crops) को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके अलावा पशुपालन (Animal Husbandry), मत्स्य पालन (Fisheries) और बागवानी (Horticulture) जैसे सहायक कृषि क्षेत्रों को भी मजबूत समर्थन दिया गया है। इन क्षेत्रों के विस्तार से किसानों के लिए आय के नए स्रोत (Alternative Income Sources) तैयार होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है।

सीए आनंद सिंह के मुताबिक, बजट में प्रस्तावित Bharat-VISTAAR (AI Based Advisory System) किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Artificial Intelligence) आधारित सलाह प्रणाली किसानों को फसल चयन, मौसम जोखिम (Climate Risk), बाजार मूल्य (Market Price) और उत्पादन क्षमता (Productivity) से जुड़े बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगी। इससे न केवल खेती की लागत घटेगी, बल्कि जोखिम प्रबंधन (Risk Management) भी पहले से अधिक प्रभावी होगा।

कर व्यवस्था के संदर्भ में बजट को करदाताओं के लिए राहतकारी बताया जा रहा है। कर प्रणाली में सरलीकरण (Tax Simplification) और अनुपालन बोझ (Compliance Burden) को कम करने के उपायों से स्वैच्छिक कर अनुपालन (Voluntary Tax Compliance) को बढ़ावा मिलेगा। सीए आनंद सिंह का मानना है कि सरल नियम और स्पष्ट प्रक्रियाएं करदाताओं के मन में विश्वास पैदा करती हैं, जिससे टैक्स सिस्टम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित होता है।

बजट में नए आयकर कानून (New Income Tax Law) और दंड प्रक्रिया (Penalty Mechanism) के युक्तिकरण पर भी जोर दिया गया है। इससे कर विवादों (Tax Disputes) में कमी आने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, जिससे करदाताओं और प्रशासन, दोनों को राहत मिलेगी। यह कदम देश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (Ease of Doing Business) को और अधिक मजबूत करने में सहायक होगा।

सीए आनंद सिंह के अनुसार, यह बजट केवल राजस्व संग्रह तक सीमित नहीं है, बल्कि आर्थिक विकास (Economic Growth) और सामाजिक संतुलन (Inclusive Development) को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। कृषि क्षेत्र में निवेश और तकनीकी सहयोग से ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को मजबूती मिलेगी, वहीं कर सुधारों से उद्योग और व्यापार जगत को स्थिरता का भरोसा मिलेगा।

कुल मिलाकर, कृषि और कर व्यवस्था दोनों मोर्चों पर यह बजट किसान-हितैषी (Farmer Friendly) और कर-हितैषी (Taxpayer Friendly) साबित होता दिख रहा है। संतुलित दृष्टिकोण, तकनीक का उपयोग और नीतिगत सुधार इस बजट को विकासोन्मुखी (Growth Oriented) बनाते हैं, जिससे आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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