चित्रकूट में स्वास्थ्य व्यवस्था पर मौत का सत्याग्रह, 72 घंटे से भूखे युवा, प्रशासन बेबस

Report By : संजय साहू चित्रकूट
चित्रकूट : जनपद में बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं के विरोध में शहर के एलआईसी चौक स्थित शहीद पार्क में “कफ़न सत्याग्रह” के बैनर तले चल रहा आमरण अनशन मंगलवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। तीन दर्जन से अधिक युवा पिछले 72 घंटों से भूख-प्यास त्याग कर अनशन पर डटे हुए हैं, लेकिन प्रशासन की तमाम कोशिशों के बावजूद आंदोलनकारियों ने अनशन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया। युवाओं का कहना है कि जब तक जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में ठोस सुधार नहीं होगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सोमवार को अनशन स्थल पर एडीएम वित्त एवं राजस्व चंद्रशेखर और सीओ सिटी अरविन्द वर्मा पहुंचे। अधिकारियों ने अनशनकारियों से बातचीत कर उन्हें समझाने और अनशन समाप्त करने की अपील की, लेकिन आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिले में गरीबों के इलाज के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। उन्होंने कहा कि आम जनता के लिए अस्पतालों में न दवाएं समय पर मिलती हैं और न ही एम्बुलेंस, जबकि किसी वीआईपी या मंत्री के आगमन पर पूरी स्वास्थ्य टीम तुरंत तैनात कर दी जाती है।

अनशनकारियों ने आरोप लगाया कि मंगलवार को प्रभारी मंत्री मन्नू कोरी के चित्रकूट आगमन के चलते प्रशासन पूरी तरह स्वागत और व्यवस्थाओं में जुटा हुआ है। युवाओं ने सवाल उठाया कि डीएम साहब के पास मंत्री के स्वागत का समय तो है, लेकिन आम जनता की पीड़ा सुनने का समय नहीं। उनका कहना था कि कई अधिकारी इसी सड़क से शीशे बंद गाड़ियों में गुजर जाते हैं, लेकिन किसी में यह साहस नहीं कि उतरकर आम लोगों की हालत देखे और उनकी समस्याएं सुने।
गौरतलब है कि रविवार से अनशन पर बैठे भूपेंद्र सिंह पटेल की हालत सोमवार को अचानक बिगड़ गई। भूख और कमजोरी के चलते उनके मुंह से झाग निकलने लगा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने जिला अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। आंदोलनकारियों का आरोप है कि एम्बुलेंस करीब डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची। उनका कहना है कि गरीब मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिलतीं, जबकि मंत्री और बड़े अधिकारियों के दौरे से पहले डॉक्टरों और एम्बुलेंस की पूरी टीम पहले से तैयार रहती है।

इस आंदोलन को अब राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा है। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी और आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेता अनशन स्थल पर पहुंचकर युवाओं के साथ बैठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सत्ता में चाहे कोई भी पार्टी रही हो, लेकिन किसी ने भी जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
अनशन स्थल पर पहाड़ी ब्लॉक के प्रसिद्धपुर निवासी शिवपूजन साहू की दर्दभरी कहानी ने सभी को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि इलाज के अभाव में उन्होंने अपने दो बेटे दिनेश और मगनू खो दिए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल ने रेफर करके मेरी बुढ़ापे की लाठी छीन ली, अब मुझे सहारा कौन देगा। उनकी पीड़ा सुनकर वहां मौजूद लोग भावुक हो उठे और व्यवस्था के खिलाफ आक्रोश और बढ़ गया।

मंगलवार शाम करीब चार बजे अचानक बारिश शुरू हो गई। अनशनकारियों के टेंट से पानी टपकने लगा और गद्दे भीग गए। इसके बावजूद युवा भीगे टेंट के नीचे बैठे रहे और आंदोलन जारी रखा। उनका कहना था कि बारिश, भूख और परेशानी भी उन्हें अपने संघर्ष से पीछे नहीं हटा सकती।
इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, पूर्व सांसद बालकुमार पटेल, पूर्व विधायक वीर सिंह पटेल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष कुशल सिंह पटेल, आम आदमी पार्टी जिलाध्यक्ष संतोषी लाल शुक्ला उर्फ पिंटू सहित आर्यन सिंह, कमलेश सिंह, विमल सिंह, राकेश सिंह, देवेन्द्र सिंह (भाकियू मीडिया प्रभारी), अर्जुन सिंह, डुप्ले पटेल, अश्वनी कुमार, गोलू सिंह, संतोष जायसवाल, सुनील पटेल समेत कई युवा और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने प्रशासन को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।





