गणित के सवालों में उलझे इंटर परीक्षार्थी, राजनीतिक विज्ञान का पेपर रहा आसान

विशेष संवाददाता बिहार| कर्मक्षेत्र टीवी
सीवान: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के तत्वावधान में आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। दोनों पालियों में एक भी परीक्षार्थी के निष्कासन की सूचना नहीं मिली। पहले पाली में विज्ञान संकाय के लिए गणित विषय की परीक्षा ली गई, जबकि दूसरी पाली में कला संकाय के राजनीतिक विज्ञान एवं ऐच्छिक विषय के फाउंडेशन कोर्स की परीक्षा आयोजित की गई।
प्रशासनिक सख्ती और केंद्राधीक्षकों की सतत निगरानी का असर साफ तौर पर देखने को मिला। जिले में नकल पर पूरी तरह से नकेल कसी रही। सीवान और महाराजगंज अनुमंडल के सभी परीक्षा केंद्रों पर जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी लगातार निरीक्षण करते रहे। परीक्षा केंद्रों पर कदाचार रोकने के लिए सख्त व्यवस्था की गई थी, जिसके चलते परीक्षार्थी अनुशासित माहौल में परीक्षा देते नजर आए।
इंटरमीडिएट परीक्षा के दूसरे दिन विज्ञान संकाय के परीक्षार्थियों के लिए गणित का प्रश्न पत्र अपेक्षाकृत कठिन रहा। परीक्षार्थियों ने बताया कि पहले दिन जहां जीव विज्ञान और भौतिकी के सवालों ने उन्हें उलझाया था, वहीं दूसरे दिन गणित के टफ सवालों ने परेशानी बढ़ा दी। कई परीक्षार्थियों ने माना कि घुमावदार और विश्लेषणात्मक प्रश्नों के कारण समय प्रबंधन में कठिनाई हुई। वहीं, विज्ञान की तुलना में कला संकाय के परीक्षार्थियों के लिए राजनीतिक विज्ञान का प्रश्न पत्र आसान रहा।
आर्य कन्या हाई स्कूल और डीएवी हाई स्कूल परीक्षा केंद्र से बाहर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि राजनीतिक विज्ञान के प्रश्न सीधे और पाठ्यक्रम आधारित थे, जिससे उत्तर लिखने में सुविधा हुई। हालांकि कुछ परीक्षार्थियों ने कहा कि दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों की व्याख्या में सावधानी बरतनी पड़ी। परीक्षार्थी सोनम कुमारी, खुशी कुमारी, विनीता कुमारी, अजय कुमार और पल्लवी कुमारी ने बताया कि ऑब्जेक्टिव प्रश्न अपेक्षाकृत आसान रहे और अच्छे अंक लाने में सहायक साबित होंगे, क्योंकि इनमें अंक कटौती की संभावना नहीं होती, जबकि लघु और दीर्घ उत्तरीय प्रश्नों में सटीक व्याख्या न होने पर अंक कटने का डर रहता है।
दूसरे दिन की परीक्षा में कुल 250 परीक्षार्थी अनुपस्थित पाए गए। इसके बावजूद परीक्षा का संचालन सुचारु रहा। कदाचार मुक्त परीक्षा संचालन के लिए केंद्रों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे सक्रिय थे और अतिरिक्त रूप से वीडियोग्राफी भी कराई जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन की तरह दूसरे दिन भी कदाचार का कोई मामला सामने नहीं आया।
इंटरमीडिएट परीक्षा के कारण शहर की यातायात व्यवस्था पर भी असर पड़ा। परीक्षा केंद्रों के आसपास और मुख्य सड़कों पर दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। परीक्षा शुरू होने और समाप्त होने के समय जाम अधिक गंभीर रहा। ट्रैफिक पुलिस को जाम से निपटने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। कई परीक्षा केंद्रों के बाहर परीक्षार्थियों के साथ अभिभावकों की भीड़ लगी रही, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ।
परीक्षार्थियों में परीक्षा केंद्र समय से पहले पहुंचने की जल्दबाजी भी देखी गई। केंद्र देखने और अपने कक्ष की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रवेश द्वार पर भीड़ और धक्कामुक्की की स्थिति उत्पन्न हो गई। हालांकि प्रशासन की तत्परता से स्थिति को नियंत्रित कर लिया गया।
शहर के कुल 43 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इंटरमीडिएट परीक्षा पूरी तरह सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में कराई जा रही है। मोबाइल फोन सहित सभी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही जिला साइबर सेल द्वारा सोशल मीडिया पर भी चौबीस घंटे निगरानी रखी जा रही है। भ्रामक, गलत या अफवाहजनक खबर पोस्ट करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्राधीक्षकों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि कोई परीक्षार्थी कदाचार में लिप्त पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ और अवांछित तत्वों की आवाजाही रोकने के लिए धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है, जो पूरी परीक्षा अवधि तक प्रभावी रहेगी। प्रशासन की सख्ती और सतर्कता के बीच जिले में इंटरमीडिएट परीक्षा का दूसरा दिन भी शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।





