पूर्वांचल को नई रफ्तार देगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे, जून 2026 तक निर्माण पूरा होने की उम्मीद

Report By : आसिफ अंसारी
गाजीपुर : राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI – National Highways Authority of India) द्वारा निर्मित किया जा रहा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे (Greenfield Expressway) अपने अंतिम चरण की ओर तेजी से बढ़ रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों ने गाजीपुर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस (Press Conference) के दौरान जानकारी दी कि गाजीपुर से बिहार के सारण जिले के मांझीघाट तक बनाए जा रहे इस 4 लेन एक्सप्रेस वे (4 Lane Expressway) का निर्माण कार्य जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि यह महत्वाकांक्षी परियोजना जून 2026 (June 2026) तक पूरी हो जाएगी।
यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे गाजीपुर के हृदयपुर (Hridaypur Ghazipur) से शुरू होकर बिहार के सारण जिले स्थित मांझीघाट (Manjhi Ghat Saran) तक जाएगा। इस परियोजना की कुल लंबाई 134.39 किलोमीटर (134.39 Kilometer) है और इसे लगभग 5300 करोड़ रुपये (₹5300 Crore Project Cost) की लागत से तैयार किया जा रहा है। एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, यह एक्सप्रेस वे उत्तर प्रदेश और बिहार के बीच सड़क संपर्क (Road Connectivity) को नई मजबूती प्रदान करेगा।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि यह बलिया (Ballia), बक्सर (Buxar) और सारण (Saran District) जिलों को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे (Purvanchal Expressway) से जोड़ देगा। इसके निर्माण के बाद पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में यात्रा समय (Travel Time) में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी (Regional Connectivity) पहले से कहीं अधिक मजबूत हो जाएगी।
एनएचएआई अधिकारियों ने बताया कि इस नेशनल हाईवे (National Highway) को 60 मीटर राइट ऑफ वे (Right of Way – ROW) के साथ डिजाइन किया गया है, जो भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। एक्सप्रेस वे पर दो रेलवे ओवर ब्रिज (ROB – Railway Over Bridge) बनाए जा रहे हैं, जिससे रेल और सड़क यातायात के बीच किसी भी प्रकार का अवरोध न हो। इस एक्सप्रेस वे को 100 किलोमीटर प्रति घंटा (Design Speed 100 Kmph) की रफ्तार के अनुरूप डिजाइन किया गया है, जिससे तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा संभव हो सके।
ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पर अत्याधुनिक ट्रैफिक प्रबंधन प्रणाली (Advanced Traffic Management System) भी लागू की जाएगी। इसके तहत सीसीटीवी कैमरे (CCTV Cameras), दुर्घटना पहचान प्रणाली (Accident Detection System), वैरिएबल मैसेज साइन (Variable Message Sign) और इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन सिस्टम (Electronic Toll Collection) की व्यवस्था की जाएगी। इससे न केवल यातायात की निगरानी बेहतर होगी, बल्कि सड़क सुरक्षा (Road Safety) को भी नई मजबूती मिलेगी।
एनएचएआई अधिकारियों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद पूर्वांचल क्षेत्र में व्यापार (Business), उद्योग (Industry) और रोजगार (Employment Opportunities) के नए द्वार खुलेंगे। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से औद्योगिक निवेश (Industrial Investment) को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को इससे सीधा लाभ मिलेगा।
कुल मिलाकर, गाजीपुर से मांझीघाट तक बन रहा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती जिलों के विकास (Regional Development) में मील का पत्थर साबित होगा। जून 2026 तक इसके पूरा होने के बाद यह एक्सप्रेस वे न केवल यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि पूरे क्षेत्र को विकास की नई गति (New Growth Momentum) भी प्रदान करेगा।





