औद्योगिक क्षेत्र, हाजीपुर में प्रथम चरण का 6 दिवसीय स्वास्थ्य शिविर सफलतापूर्वक संपन्न

संवाददाता: मृत्युंजय ठाकुर
औद्योगिक क्षेत्र, हाजीपुर में कार्यरत श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया महत्वपूर्ण कदम सफल रहा। जिला पदाधिकारी वैशाली वर्षा सिंह के निर्देश पर आयोजित प्रथम चरण का 6 दिवसीय स्वास्थ्य शिविर 10 फरवरी 2026 को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान लगभग 2500 श्रमिकों की व्यापक स्वास्थ्य जांच की गई, साथ ही आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड निर्माण की भी सुविधा उपलब्ध कराई गई।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में औद्योगिक क्षेत्र के भ्रमण के दौरान श्रमिकों ने जिला पदाधिकारी से अनुरोध किया था कि कंपनी परिसर में ही स्वास्थ्य शिविर का आयोजन कर उन्हें स्वास्थ्य जांच, आयुष्मान कार्ड और श्रम कार्ड की सुविधा दी जाए। श्रमिकों की इस मांग को गंभीरता से लेते हुए डीएम वर्षा सिंह ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया, जिसके बाद प्रथम चरण में 6 दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन विभिन्न औद्योगिक इकाइयों में किया गया।
यह स्वास्थ्य शिविर 03 फरवरी 2026 से शुरू हुआ और अलग-अलग तिथियों पर विभिन्न कंपनियों में आयोजित किया गया। 03 फरवरी को न्यू जील फैशन वेयर कम्पनी, 05 फरवरी को कम्पीटेन्स एक्सपोर्ट प्रा. लि., 06 फरवरी को ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लि., 07 फरवरी को अनमोल इंडस्ट्रीज लि., 09 फरवरी को सिपेट, औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर तथा 10 फरवरी को सोना बिस्कुट, औद्योगिक क्षेत्र हाजीपुर में शिविर आयोजित किया गया। प्रत्येक स्थान पर बड़ी संख्या में श्रमिकों ने स्वास्थ्य जांच कराई।
शिविर के दौरान मधुमेह, उच्च रक्तचाप, कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग की गई। सभी श्रमिकों का वजन मापन, रक्तचाप (बीपी) जांच, ब्लड शुगर जांच, हेमोग्लोबिन जांच एवं ब्लड ग्रुप की जांच कराई गई। चिकित्सकों द्वारा परामर्श देने के बाद आवश्यक दवाएं, विशेषकर बीपी और शुगर से संबंधित दवाएं, निःशुल्क वितरित की गईं। इससे श्रमिकों को अपने कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सका।
शिविर के दौरान लगभग 250 श्रमिकों का आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिससे उन्हें प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलेगा। वहीं श्रम विभाग द्वारा 120 श्रमिकों का श्रम कार्ड भी बनाया गया, जिससे वे विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग द्वारा 80 किसानों का पंजीकरण किया गया। विशेष रूप से 155 श्रमिकों की नेत्र जांच विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई, जिससे आंखों से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उचित सलाह दी गई।
स्वास्थ्य शिविर का निरीक्षण सिविल सर्जन, वैशाली, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं श्रम अधीक्षक, वैशाली द्वारा किया गया। शिविर में डॉ. ज्ञान रंजन, डॉ. प्रभाष, डॉ. इलाश्री, डॉ. प्रशांत कुमार सिन्हा, डॉ. गौतम, डॉ. रश्मि, डॉ. विपुल और डॉ. सादान सहित चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई और श्रमिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्रदान की।
श्रमिकों ने जिला पदाधिकारी द्वारा उठाए गए इस सराहनीय कदम की प्रशंसा करते हुए स्वास्थ्य टीम एवं संबंधित कंपनियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि कार्यस्थल पर ही स्वास्थ्य जांच की सुविधा मिलने से समय और संसाधनों की बचत हुई है।
सिपेट के प्राचार्य एवं संबंधित कंपनियों के प्रबंधकों ने भी इस पहल की सराहना की और भविष्य में समय-समय पर ऐसे स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का अनुरोध किया। जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने चिकित्सा पदाधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की सराहना करते हुए औद्योगिक क्षेत्र में नियमित अंतराल पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया, ताकि श्रमिकों का स्वास्थ्य निरंतर बेहतर बना रहे।
जिला प्रशासन की यह पहल न केवल श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र में कार्यरत कर्मियों के प्रति संवेदनशील प्रशासनिक सोच का भी परिचायक है।





