स्वस्थ नागरिक ही विकसित प्रदेश की नींव: विधान परिषद में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का विपक्ष पर प्रहार
बजट सत्र में स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकार का पक्ष रखते हुए 81 मेडिकल कॉलेज, 16,520 चिकित्सकों की तैनाती और मानक विहीन अस्पतालों पर कार्रवाई का उल्लेख, पिछली सरकारों पर लूट और लापरवाही का आरोप

विधान परिषद के बजट सत्र के दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही विकसित देश और प्रदेश की वास्तविक नींव होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक नागरिक स्वस्थ नहीं होंगे, तब तक किसी भी राज्य या राष्ट्र का समग्र विकास संभव नहीं है।
सदन में प्रस्तुत प्रश्नों का उत्तर देते हुए डिप्टी सीएम ने विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने प्रदेश की जनता को गुमराह किया और विकास के नाम पर केवल संसाधनों की लूट की। मेडिकल कॉलेजों की इमारतें तो बनाई गईं, लेकिन चिकित्सकों, पैरा मेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित रहीं।
ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्तमान सरकार ने केवल घोषणाएं नहीं कीं, बल्कि धरातल पर कार्य किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि आज प्रदेश में 81 मेडिकल कॉलेज पूरी क्षमता के साथ कार्यरत हैं और रोगियों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि गोरखपुर और रायबरेली में दो (AIIMS) संचालित हैं, जहां गंभीर रोगों से पीड़ित मरीजों का उच्चस्तरीय इलाज किया जा रहा है। राज्य के प्रत्येक जिले में मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार कार्यरत है।
डिप्टी सीएम ने जानकारी दी कि वर्तमान में प्रदेश में 16,520 चिकित्सक तैनात हैं और नए चिकित्सकों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने कहा कि मानक विहीन चिकित्सालयों के खिलाफ विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है और स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता व गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है।
कैंसर जैसे गंभीर रोगों के मामलों में वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे मरीजों के उपचार के लिए प्रतिबद्ध है और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
ब्रजेश पाठक ने नागरिकों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और प्राकृतिक जीवनशैली को अपनाना आवश्यक है। युवाओं द्वारा जंक फूड की बढ़ती आदतों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने दैनिक दिनचर्या में शारीरिक गतिविधियों को शामिल करने की आवश्यकता बताई।
उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल इलाज उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना भी है, ताकि प्रदेश स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की ओर अग्रसर हो सके।





