यातायात व्यवस्था सुधारने को पुलिस का सघन अभियान, नाबालिग वाहन चालकों और ई-रिक्शा पर सख्त कार्रवाई

Report By : आसिफ अंसारी
गाज़ीपुर : शहर में लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से एसपी सिटी के नेतृत्व में ट्रैफिक पुलिस और सिविल पुलिस की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाया। इस अभियान के तहत नाबालिग वाहन चालकों और निर्धारित रूट का उल्लंघन कर रहे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
पुलिस का यह अभियान शहर की दो प्रमुख और व्यस्त सड़कों पर केंद्रित रहा, जहां अक्सर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने सबसे पहले नाबालिग वाहन चालकों को चिन्हित किया, जो बिना लाइसेंस और नियमों की अनदेखी कर वाहन चला रहे थे। ऐसे मामलों में पुलिस ने नाबालिगों के साथ-साथ उनके अभिभावकों को भी थाने बुलाकर कड़ी चेतावनी दी और नियमानुसार कार्रवाई की।
इसके साथ ही ई-रिक्शा चालकों पर भी सख्ती दिखाई गई। पुलिस ने पाया कि कई ई-रिक्शा चालक कलर कोडिंग और निर्धारित मार्ग तय होने के बावजूद नियमों का उल्लंघन कर अन्य रूटों पर वाहन चला रहे थे, जिससे यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। ऐसे ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान किया गया और कुछ वाहनों को जब्त भी किया गया।
एसपी सिटी ने बताया कि इससे पहले शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिसमें छात्रों और अभिभावकों को नाबालिगों द्वारा वाहन न चलाने की सलाह दी गई थी। इसके अलावा नियमों के पालन को लेकर नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं देखने को मिला। इसी कारण अब नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मोटर व्हीकल एक्ट के अनुसार नाबालिग द्वारा वाहन चलाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, वाहन मालिक के खिलाफ कार्रवाई और जेल तक का प्रावधान है। पुलिस का उद्देश्य सजा देना नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा को सुनिश्चित करना और दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना है।
पुलिस प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, अपने नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने से रोकें और निर्धारित रूट पर ही वाहन संचालित करें। एसपी सिटी ने कहा कि शहर में सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।





