गाजीपुर में नकलविहीन बोर्ड परीक्षा को लेकर प्रशासन सख्त, जिलाधिकारी की अध्यक्षता में तैयारियों की समीक्षा बैठक

Report By : आसिफ अंसारी
गाजीपुर : माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित होने वाली हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को नकलविहीन, शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार को आडिटोरियम सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अविनाश कुमार ने की, जबकि पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की उपस्थिति में परीक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद में बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी 2026 से प्रारम्भ होकर 12 मार्च 2026 तक संचालित होंगी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रश्नपत्रों की प्राप्ति से लेकर परीक्षा समाप्ति तक हर स्तर पर सख्त सुरक्षा और निगरानी सुनिश्चित की जाए। माध्यमिक शिक्षा परिषद से प्राप्त प्रश्नपत्रों को पुलिस अभिरक्षा में सुरक्षित स्थान पर सीसीटीवी निगरानी के तहत रखा जाएगा। प्रश्नपत्रों को परीक्षा केंद्रों पर डबल लॉक वाली स्टील या लोहे की अलमारी में रखने तथा उन्हें स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र व्यवस्थापक और वाह्य केंद्र व्यवस्थापक की उपस्थिति में सील करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वायड टीम, केंद्र व्यवस्थापक और वाह्य केंद्र व्यवस्थापक को निर्देशित किया कि वे पूरी निष्ठा और आपसी समन्वय के साथ परीक्षा को नकलविहीन सम्पन्न कराएं। उन्होंने बताया कि इस वर्ष हाईस्कूल में लगभग 67 हजार और इंटरमीडिएट में लगभग 70 हजार, कुल करीब 1.37 लाख परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। इसके लिए जनपद में कुल 196 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें 29 अति संवेदनशील और 63 संवेदनशील केंद्र शामिल हैं। परीक्षा व्यवस्था को सुचारु बनाने के लिए 12 जोन, 8 सचल दल और 32 सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं तथा प्रत्येक केंद्र पर एक-एक स्टैटिक मजिस्ट्रेट की नियुक्ति की गई है।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि मजिस्ट्रेट परीक्षा केंद्र के लिए पूरी तरह उत्तरदायी होंगे और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा शुरू होने से लेकर समाप्ति तक दोनों पालियों में पूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी। नकल के सभी संभावित तरीकों पर पैनी नजर रखने, विद्यालय परिसर में एक से अधिक रास्ते होने पर उन्हें सील करने तथा परीक्षा केंद्र के 100 से 200 मीटर की परिधि में किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति या असलहे की मौजूदगी न होने के निर्देश दिए गए।
परीक्षा केंद्रों पर बिजली, जनरेटर, सीसीटीवी कैमरे, डीजल और इंटरनेट की उपलब्धता पहले से जांचने को कहा गया। परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सील कर सुरक्षित रूप से जमा कराने तक उपजिलाधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। फ्लाइंग स्क्वायड टीम को परीक्षा प्रारम्भ से समाप्ति तक लगातार चक्रमण करने को कहा गया।
पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना की आशंका होने पर तत्काल पुलिस बल और कंट्रोल रूम को सूचित किया जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को परीक्षा अवधि के दौरान पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला विद्यालय निरीक्षक ने प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, स्ट्रांग रूम व्यवस्था, डबल लॉक प्रणाली, लॉग बुक संधारण, सीसीटीवी निगरानी, प्रश्नपत्र खोलने की प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं के संधारण और परीक्षार्थियों की सीटिंग प्लान व्यवस्था सहित सभी बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन ले जाना प्रतिबंधित रहेगा और अनुचित साधनों का प्रयोग करने या फर्जी परीक्षार्थी पकड़े जाने की स्थिति में संबंधित के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक के उपरांत जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से राजकीय सिटी इंटर कॉलेज में बनाए गए मॉनिटरिंग सेल और कंट्रोल रूम का स्थलीय निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि नकलविहीन परीक्षा के लिए किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और परीक्षा की पवित्रता बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।





