इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला: आरपीएफ जवानों की वेतन वृद्धि रोकने पर केंद्र सरकार पर 50 हजार का जुर्माना

Report By : संजय साहू
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के सेवानिवृत्त जवानों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के मामले में केंद्र सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार, रेल मंत्रालय, आरपीएफ महानिदेशक, पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के महाप्रबंधक और मुख्य लेखाधिकारी को आदेश दिया है कि सेवानिवृत्ति वर्ष की वार्षिक वेतन वृद्धि जोड़ते हुए बकाया राशि तीन महीने के भीतर भुगतान की जाए।
यह आदेश न्यायमूर्ति जे जे मुनीर की पीठ ने आर के प्रसाद व 12 अन्य सेवानिवृत्त आरपीएफ जवानों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। याचियों ने हाईकोर्ट में अपील की थी कि 30 जून को सेवानिवृत्त होने के कारण उन्हें वार्षिक वेतन वृद्धि से वंचित कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने तर्क दिया कि चूंकि वे एक जुलाई को सेवा में नहीं थे, इसलिए उन्हें वेतन वृद्धि का लाभ नहीं मिल सकता।
याचियों के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वार्षिक वेतन वृद्धि एक कर्मचारी की पिछली सेवा के आधार पर दी जाती है, और वेतन वृद्धि से वंचित करना गलत है। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि याचियों ने पूरे वर्ष की सेवा के दौरान वेतन वृद्धि अर्जित की है, इसलिए वे इसके लाभ के हकदार हैं।
कोर्ट ने न सिर्फ याचियों के पक्ष में फैसला सुनाया बल्कि केंद्र सरकार पर 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। इसके अलावा, तीन महीने के भीतर वार्षिक वेतन वृद्धि के आधार पर बकाया वेतन और पेंशन का भुगतान करने का आदेश दिया।
यह फैसला उन सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है, जो सेवानिवृत्ति के समय इसी प्रकार के भेदभाव का सामना कर सकते हैं।