राजकीय पॉलिटेक्निक सीवान में ‘जल जीवन हरियाली’ अभियान के तहत चौर विकास पर जागरूकता कार्यक्रम

विशेष संवाददाता बिहार| कर्मक्षेत्र टीवी
सीवान: राजकीय पॉलिटेक्निक सीवान के परिसर में मंगलवार को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी पहल ‘जल जीवन हरियाली’ अभियान के अंतर्गत एक व्यापक और प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का केंद्रीय विषय “जल प्रबंधन एवं संरक्षण हेतु नीजी भूमि पर चौर का विकास” रहा। इस अवसर पर विद्यार्थियों और शिक्षकों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली, जहां पर्यावरण संरक्षण के प्रति चेतना जगाने के उद्देश्य से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए रचनात्मक पोस्टरों के अवलोकन से हुई। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में स्कूल एवं कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने अपने पोस्टरों के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, नीजी भूमि पर चौर विकास, भूजल स्तर में सुधार तथा हरियाली के महत्व जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। रंगों, प्रतीकों और सशक्त संदेशों के जरिए विद्यार्थियों ने यह स्पष्ट किया कि जल संकट से निपटने के लिए व्यक्तिगत और सामूहिक प्रयास दोनों ही अनिवार्य हैं।
इसके पश्चात प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। नाटक के माध्यम से जल संरक्षण के पारंपरिक एवं आधुनिक उपायों, चौर विकास से होने वाले जल संचयन, भूजल स्तर में वृद्धि और इससे किसानों को मिलने वाले प्रत्यक्ष लाभ को सरल एवं रोचक भाषा में दर्शाया गया। कलाकारों ने यह संदेश दिया कि यदि समय रहते जल प्रबंधन पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया, तो आने वाली पीढ़ियों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। नाटक ने उपस्थित दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया और जल संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम उन्हें यह समझने में मदद करते हैं कि छोटे-छोटे कदम, जैसे पानी की बचत, वर्षा जल संचयन और स्थानीय स्तर पर चौर विकास, पर्यावरण संरक्षण में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं।
आयोजन समिति की सदस्य पायल सिंह और विमल कुमार ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। पायल सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि ‘जल जीवन हरियाली’ जैसे अभियान युवाओं को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने नीजी भूमि पर चौर विकास को जल संरक्षण की एक प्रभावी और दीर्घकालिक रणनीति बताते हुए इसके पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वहीं, विमल कुमार ने विद्यार्थियों से अपील की कि वे जल संरक्षण को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और इस संदेश को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम के अंत में पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता के सफल प्रतिभागियों को प्रोत्साहित किया गया। सभी उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लिया और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का वादा करते हुए कार्यक्रम का समापन किया। आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि जागरूकता, सहभागिता और सतत प्रयासों से ही जल संकट की चुनौती का समाधान संभव है।





