भोजपुर में भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई पंचायत सचिव रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

भोजपुर जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई सामने आई है। स्पेशल विजलेंस यूनिट (Special Vigilance Unit – SVU) ने जन्म प्रमाणपत्र बनाने के नाम पर रिश्वत मांग रहे पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आरा सदर प्रखंड कार्यालय में उस वक्त की गई, जब आरोपी सचिव एक आवेदक से 10 हजार रुपये की घूस ले रहा था।

जन्म प्रमाणपत्र के नाम पर रिश्वत का खेल
मिली जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद पिरौटा और दौलतपुर पंचायत का प्रभार संभाल रहा था। आरोप है कि उसने एक आवेदक से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने के बदले पहले 20 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में सौदा 10 हजार रुपये में तय हुआ। रिश्वत की इस मांग से परेशान होकर पीड़ित ने स्पेशल विजलेंस विभाग से शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत सही, विजलेंस ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने के बाद विजलेंस विभाग ने पूरे मामले की गुप्त जांच (Verification) कराई। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद स्पेशल विजलेंस यूनिट ने पूरी रणनीति के तहत ट्रैप प्लान (Trap Operation) तैयार किया। तय योजना के अनुसार जैसे ही पंचायत सचिव ने घूस की रकम ली, विजलेंस टीम ने मौके पर ही उसे दबोच लिया।

कार्यालय में मची अफरा-तफरी
जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, आरा सदर प्रखंड कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी सकते में आ गए और कार्यालय परिसर में लोगों की भीड़ जमा हो गई। विजलेंस टीम आरोपी पंचायत सचिव को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले गई।

शिकायतकर्ता कौन है?
इस संबंध में विजलेंस विभाग के डीएसपी चंद्र भूषण प्रसाद श्रीवास्तव ने बताया कि यह शिकायत मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले के गोरे गांव निवासी नवीन कुमार द्वारा दर्ज कराई गई थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि जन्म प्रमाणपत्र बनाने के लिए पंचायत सचिव द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।

पूछताछ में बड़ा खुलासा, BDO का नाम भी आया
डीएसपी के अनुसार, गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद ने पूछताछ के दौरान चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोपी ने स्वीकार किया है कि इस रिश्वत की रकम में बीडीओ (BDO) का भी हिस्सा बताया गया है। हालांकि इस दावे की पुष्टि के लिए विजलेंस विभाग गहराई से जांच कर रहा है। मामले से जुड़े अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।

शेखपुरा का रहने वाला है आरोपी सचिव
गिरफ्तार पंचायत सचिव जितेंद्र प्रसाद मूल रूप से शेखपुरा जिले के कुसुम्हा गांव का रहने वाला है। वर्तमान में वह भोजपुर जिले के विभिन्न पंचायतों में पदस्थापित था। विजलेंस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया (Legal Action) शुरू कर दी है।

भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप
इस कार्रवाई के बाद पूरे भोजपुर जिले में भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। विजलेंस की इस सख्त कार्रवाई को सरकार की जीरो टॉलरेंस पॉलिसी (Zero Tolerance Policy Against Corruption) के तहत एक अहम कदम माना जा रहा है।

जनता में संतोष, उठे कई सवाल
इस घटना के बाद आम लोगों में संतोष जरूर देखा जा रहा है, लेकिन साथ ही कई सवाल भी उठ रहे हैं—
क्या जन्म प्रमाणपत्र जैसे बुनियादी दस्तावेजों के लिए आम जनता को रिश्वत देना ही पड़ेगा?
क्या इस मामले में शामिल अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी?

विजलेंस विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोषी पाए जाने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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