रौजा तिराहे पर मूक-बधिर वाहन चालकों के सम्मान व जागरूकता के लिए विशेष कार्यक्रम, Deaf Logo पहचान अभियान के साथ बाइक रैली का आयोजन

Report By : आसिफ अंसारी
आज दिनांक 31.01.2026 को रौजा तिराहे (Rauza Tiraha) पर सड़क सुरक्षा (Road Safety) और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा (Superintendent of Police Dr. Iraz Raja) के आदेश के क्रम में तथा यातायात प्रभारी मनीष कुमार त्रिपाठी (Traffic In-Charge Manish Kumar Tripathi) के नेतृत्व में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मूक-बधिर (Deaf and Mute) वाहन चालकों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करना और आम जनमानस को Deaf Logo की पहचान के प्रति जागरूक करना रहा।
इस जागरूकता कार्यक्रम (Awareness Program) के अंतर्गत मूक-बधिर वाहन चालकों के वाहनों के आगे तथा हेलमेट (Helmet) के पीछे Deaf Logo का विशेष स्टिकर (Sticker) लगाया गया। इसके पश्चात सभी मूक-बधिर वाहन चालकों को शामिल करते हुए एक बाइक रैली (Bike Rally) को रवाना किया गया, जिससे सड़क पर चल रहे अन्य वाहन चालकों और आम लोगों को यह संदेश दिया जा सके कि Deaf Logo लगे वाहन चालकों के प्रति अतिरिक्त सतर्कता और संवेदनशीलता (Sensitivity) बरतना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान यातायात प्रभारी मनीष कुमार त्रिपाठी ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि मूक-बधिर वाहन चालक भी समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उन्हें सड़क पर सुरक्षित वातावरण (Safe Driving Environment) उपलब्ध कराना हम सभी की जिम्मेदारी है। Deaf Logo के माध्यम से यह संकेत मिलता है कि संबंधित चालक सुनने में असमर्थ है, ऐसे में अन्य वाहन चालकों को हॉर्न (Horn) का अनावश्यक प्रयोग करने से बचना चाहिए और सुरक्षित दूरी बनाए रखनी चाहिए।
इस कार्यक्रम में सामाजिक सहभागिता (Social Participation) भी देखने को मिली। मुख्य रूप से सहजानंद, प्रधान मंडल कोषाध्यक्ष वाराणसी (Treasurer, Varanasi), मनीष सिंह (Ex Member), आशुतोष सिंह (Ex Member), अनुज (Ex Member), मुरारी और मनीष सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने मूक-बधिर चालकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए इस पहल को सराहनीय बताया। कुल 25 मूक-बधिर (Total 25 Deaf Participants) लोगों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता की और बाइक रैली में शामिल होकर जागरूकता संदेश को जन-जन तक पहुंचाया।
बाइक रैली के दौरान रौजा तिराहे और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने इस अनूठी पहल को ध्यान से देखा और Deaf Logo के महत्व को समझने का प्रयास किया। कई राहगीरों और वाहन चालकों ने इस अभियान की प्रशंसा की और इसे सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया। यह कार्यक्रम न केवल यातायात जागरूकता (Traffic Awareness) का माध्यम बना, बल्कि समाज में समानता (Equality) और सम्मान (Respect) की भावना को भी मजबूत करने वाला साबित हुआ।
कुल मिलाकर, यह आयोजन पुलिस प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयास (Joint Effort) का एक उत्कृष्ट उदाहरण रहा। Deaf Logo पहचान अभियान के माध्यम से यह संदेश स्पष्ट रूप से सामने आया कि सड़क सुरक्षा केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें मानवीय संवेदनाएं और सामाजिक जिम्मेदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण हैं। भविष्य में ऐसे और कार्यक्रमों के आयोजन से निश्चित रूप से मूक-बधिर वाहन चालकों की सुरक्षा और सम्मान दोनों को मजबूती मिलेगी।





