बजट 2026-27 के बाद सीएम योगी का रणनीतिक संदेश, ब्रह्मोस संग ‘हार्ड पावर’ विजन की झल
₹9.12 लाख करोड़ बजट के बाद सोशल मीडिया पर बदली कवर इमेज, रक्षा उत्पादन और सामरिक आत्मनिर्भरता का संकेत

लखनऊ : उत्तर प्रदेश बजट 2026-27 प्रस्तुत होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक रणनीतिक संकेत देते हुए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कवर इमेज बदल दी है। नई कवर इमेज में ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना से जुड़ा दृश्य प्रमुखता से दर्शाया गया है, जिसे राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषक राज्य की “हार्ड पावर” नीति का प्रतीक मान रहे हैं।
₹9,12,696.35 करोड़ के ऐतिहासिक बजट के बाद यह बदलाव केवल डिजिटल प्रस्तुति नहीं, बल्कि विकास और सुरक्षा के संगम का प्रतीक माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि और पारंपरिक उद्योगों तक सीमित नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन (Defence Manufacturing) के क्षेत्र में भी अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।
लखनऊ में स्थापित ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट (BrahMos Aerospace Unit) राज्य को वैश्विक रक्षा आपूर्ति श्रृंखला (Global Defence Supply Chain) में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसे “मेक इन इंडिया” (Make in India) और “आत्मनिर्भर भारत” (Atmanirbhar Bharat) अभियान के तहत सामरिक दृष्टि से अहम परियोजना माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के इस डिजिटल संदेश को कई विश्लेषक “सुपरसोनिक केसरिया” रणनीति के रूप में देख रहे हैं, जहां आर्थिक विकास और सुरक्षा शक्ति को समानांतर रूप से आगे बढ़ाया जा रहा है। बजट में जहां 19.5 प्रतिशत (Capital Expenditure) का प्रावधान अवसंरचना, उद्योग और डिजिटल विस्तार के लिए किया गया है, वहीं रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देकर उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे का मजबूत स्तंभ बनाने की दिशा स्पष्ट की गई है।
राज्य सरकार पहले ही उत्तर प्रदेश रक्षा औद्योगिक गलियारा (Defence Industrial Corridor) के माध्यम से लखनऊ, कानपुर, झांसी, चित्रकूट और अलीगढ़ को रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में विकसित कर रही है। ब्रह्मोस उत्पादन इकाई इस रणनीति का प्रमुख घटक है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह संदेश केवल राजनीतिक प्रतीक नहीं, बल्कि निवेशकों के लिए संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब “विकास इंजन” के साथ-साथ “सुरक्षा कवच” की भूमिका भी निभाने को तैयार है। ₹9.12 लाख करोड़ का बजट और सामरिक परियोजनाओं का विस्तार मिलकर राज्य को बहु-आयामी शक्ति के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं।
“फर्श से अर्श तक” की आर्थिक यात्रा का दावा करते हुए राज्य अब कृषि, औद्योगिक उत्पादन, डिजिटल नवाचार और रक्षा निर्माण को एकीकृत मॉडल में प्रस्तुत कर रहा है। यह मॉडल विकास, सुरक्षा और निवेश के त्रिवेणी संगम के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है।





