आरा सिविल कोर्ट में अधिवक्ताओं का जोरदार प्रदर्शन, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग

Report By : तारकेश्वर प्रसाद

आरा : ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस (AILAJ) के आह्वान पर देशभर में अधिवक्ताओं ने एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इसी क्रम में सिविल कोर्ट आरा के मुख्य गेट पर भी अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और सरकार से अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम को तुरंत लागू करने की मांग की।

प्रदर्शन का नेतृत्व और प्रमुख वक्ता
इस प्रदर्शन का नेतृत्व वरिष्ठ अधिवक्ता सुरेंद्र राय ने किया, जबकि संचालन मोहम्मद मुख्तार ने संभाला। इस मौके पर AILAJ के राष्ट्रीय परिषद के सदस्य अधिवक्ता अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि देशभर में वकीलों पर लगातार हमले हो रहे हैं। अपराधियों, पुलिस और असामाजिक तत्वों द्वारा अधिवक्ताओं की हत्या, अपहरण और झूठे मुकदमों में फंसाने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाते हुए खुद अन्याय का शिकार होना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अधिवक्ताओं के अधिकारों को सीमित करने के प्रयास में है। अधिवक्ता अधिनियम 1961 में प्रस्तावित संशोधन को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए गए। उन्होंने कहा कि इस संशोधन के जरिए सरकार बार काउंसिल और अधिवक्ताओं के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, अधिवक्ताओं के कड़े विरोध के बाद केंद्र सरकार को यह प्रस्ताव वापस लेना पड़ा, जिसे अधिवक्ता समुदाय ने अपनी जीत बताया।

एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की जरूरत क्यों?
अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू नहीं किया जाता, तब तक अधिवक्ताओं की सुरक्षा खतरे में बनी रहेगी। हाल के वर्षों में कई राज्यों में वकीलों पर हिंसा, हमले और अपहरण की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे वकीलों के कामकाज पर असर पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि अधिवक्ताओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिलेगा, तो न्याय प्रणाली पर भी संकट खड़ा हो सकता है।

AILAJ ने सरकार को दिया अधिनियम का प्रस्ताव
AILAJ ने अधिवक्ता संरक्षण अधिनियम का एक प्रस्तावित विधेयक (ड्राफ्ट बिल) तैयार किया है, जिसे ऑल इंडिया बार काउंसिल और विभिन्न राज्य बार काउंसिल को सौंपा गया है। इसमें वकीलों की सुरक्षा, उनके खिलाफ झूठे मुकदमों से बचाव, हमलों पर सख्त कार्रवाई और वित्तीय सहायता जैसी महत्वपूर्ण बातें शामिल हैं।

आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को लागू नहीं करती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं को एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए लड़ना होगा, क्योंकि यह सिर्फ वकीलों की सुरक्षा का सवाल नहीं, बल्कि पूरे न्यायिक तंत्र की सुरक्षा का मुद्दा है।

प्रदर्शन में शामिल प्रमुख अधिवक्ता
इस विरोध प्रदर्शन में अमित कुमार गुप्ता उर्फ बंटी, सुरेंद्र राय, निर्मल राम, मोहम्मद मुख्तार, दशरथ शाह, ज्योति कलश, सुरेंद्र सिंह, दयाशंकर पांडे, देवव्रत शर्मा, ऋषिकेश कुमार, शैलेंद्र कुमार, सुनील कुमार चौधरी, मुन्ना रजक, गुड्डू सिंह, बच्चा जी समेत दर्जनों अधिवक्ता शामिल रहे।

इस राष्ट्रव्यापी प्रदर्शन से यह साफ हो गया कि वकीलों की सुरक्षा अब एक गंभीर मुद्दा बन चुका है, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। अधिवक्ताओं की मांग है कि सरकार जल्द से जल्द एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करे, ताकि वकीलों को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी निभाते हुए खुद अन्याय का शिकार न होना पड़े।

Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

Related Articles

Back to top button