एससी/एसटी अत्याचार निवारण एवं मैनुअल स्कैवेंजर अधिनियम को लेकर सीवान में जिला स्तरीय बैठक, डीएम ने दिए सख्त निर्देश

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

सीवान : अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 (SC/ST Prevention of Atrocities Act) तथा मैनुअल स्कैवेंजर रोजगार निषेध एवं पुनर्वास अधिनियम-2013 (Manual Scavengers Act 2013) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अपराह्न 02:00 बजे जिला पदाधिकारी सीवान  विवेक रंजन मैत्रेय (DM Siwan) की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों की समीक्षा, पीड़ितों को समय पर राहत, मुआवजा भुगतान तथा पुनर्वास प्रक्रिया को तेज करना रहा।

बैठक में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की व्यापक उपस्थिति रही। इसमें महाराजगंज के विधायक हेमनारायण साह (MLA Maharajganj), दरौली के विधायक विष्णुदेव पासवान (MLA Darauli), पुलिस अधीक्षक विक्रम सिहांग (SP Siwan), अपर समाहर्ता अमर ज्योति, वरीय उप समाहर्ता, जिला कल्याण पदाधिकारी (District Welfare Officer), सिविल सर्जन (Civil Surgeon), जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, विशेष लोक अभियोजक (Special Public Prosecutor – SC/ST Act), एससी/एसटी थाना के थानाध्यक्ष सहित अन्य संबंधित विभागों के नोडल पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों में पीड़ितों को मिलने वाली सहायता और मुआवजा (Compensation) में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी को निर्देश दिया कि एफआईआर (FIR) दर्ज होने एवं चार्जशीट (Charge Sheet) दायर होने की स्थिति में नियमानुसार मुआवजा भुगतान तत्काल सुनिश्चित किया जाए।

बैठक

जिला पदाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि आरोप गठन (Framing of Charge) के पश्चात हत्या से संबंधित मामलों में मृतक के पात्र आश्रितों को सरकारी नौकरी (Government Job) प्रदान करने की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। इसके लिए जिला कल्याण पदाधिकारी और विशेष लोक अभियोजक को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया।

लंबित भुगतान के मामलों पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने जिला कल्याण पदाधिकारी को पुलिस अधीक्षक कार्यालय से समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जैसे ही आरोप पत्र प्राप्त हो, मुआवजा भुगतान से संबंधित अग्रेतर कार्रवाई तुरंत शुरू की जाए, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर राहत मिल सके और उन्हें अनावश्यक कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

बैठक में विशेष लोक अभियोजक को भी सख्त निर्देश दिए गए कि सुलह (Compromise) के मामलों को छोड़कर जिन प्रकरणों में अभियुक्तों की रिहाई हुई है, वहां अनिवार्य रूप से अपील (Appeal) दायर की जाए। इससे पीड़ितों को न्याय (Justice) दिलाने की प्रक्रिया को और मजबूत किया जा सके।

इस दौरान भारत सरकार के राजपत्र दिनांक 14 अप्रैल 2016 (Gazette Notification) का उल्लेख करते हुए जिला पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि हत्या के सभी मामलों में सोशल इन्वेस्टिगेशन (Social Investigation) कराकर पात्र पीड़ित परिवारों को आवास भूमि (Housing Land) उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की स्पष्ट मंशा है कि अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय के पीड़ितों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान के साथ पुनर्वास मिले।

बैठक के अंत में जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को संवेदनशीलता (Sensitivity), जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि इन कानूनों का उद्देश्य केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि पीड़ितों को भरोसा और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

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Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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