डेढ़ माह से खाली पड़ी नगर पंचायत की ईओ कुर्सी, विकास कार्य ठप, प्रमाणपत्रों के लिए भटक रहे नागरिक

Report By : राहुल मौर्य
मसवासी रामपुर : मसवासी नगर पंचायत कार्यालय में कार्यकारी अधिकारी (ईओ) की कुर्सी पिछले डेढ़ माह से खाली पड़ी है, जिससे नगर के विकास कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं। ईओ की अनुपस्थिति का सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे हैं, जिस कारण लोग रोज़मर्रा के जरूरी कामों के लिए नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
बताया जा रहा है कि नगर पंचायत के ईओ सचिन कुमार करीब डेढ़ माह पहले छुट्टी पर गए थे, लेकिन अब तक कार्यालय वापस नहीं आए हैं। इस दौरान न तो विकास कार्यों की फाइलें आगे बढ़ सकीं और न ही प्रशासनिक कार्यों पर कोई निर्णय हो पाया। परिणामस्वरूप नगर की साफ-सफाई, मरम्मत, निर्माण और अन्य योजनाएं अधर में लटकी हुई हैं।
ईओ के न होने से जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र जारी नहीं हो पा रहे हैं। किसी को नौकरी, पढ़ाई या अन्य सरकारी कार्यों के लिए प्रमाण पत्र की जरूरत है तो किसी को पारिवारिक कार्यों के लिए, लेकिन सभी को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। कार्यालय में मौजूद कर्मचारी भी असहाय नजर आ रहे हैं, क्योंकि ईओ के हस्ताक्षर के बिना कोई काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है।
इसके अलावा सामूहिक विवाह योजना के आवेदन भी अधर में लटक गए हैं। जिन युवतियों की अप्रैल माह में शादी होनी है, वे लगातार नगर पंचायत कार्यालय के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन उनके फॉर्म आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। इससे संबंधित परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
ईओ की अनुपस्थिति का असर नगर पंचायत के कर्मचारियों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बताया गया है कि जनवरी माह का वेतन अब तक नहीं मिल पाया है। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई व स्कूल फीस तक जमा करना मुश्किल हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्तमान ईओ अब एक वर्ष की छुट्टी पर चले गए हैं और नगर पंचायत में आना नहीं चाहते। इस स्थिति से नाराज़ नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि नगर पंचायत में जल्द से जल्द किसी अन्य ईओ की नियुक्ति की जाए, ताकि रुके हुए विकास कार्य पूरे हो सकें और नागरिकों को राहत मिल सके।
नगरवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।





