मुख्यमंत्री योगी की संवेदनशीलता का उदाहरण नन्ही बच्ची की गुहार पर चार घंटे में हुआ स्कूल में एडमिशन

Report By: स्पेशल डेस्क

लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण की मिसाल बन गए हैं। सोमवार को उनके सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर आयोजित ‘जनता दर्शन’ के दौरान एक नन्ही बच्ची की मासूम सी गुहार ने हर किसी का दिल छू लिया। मुरादाबाद से आई इस बच्ची ने मुख्यमंत्री से स्कूल में एडमिशन कराने की अपील की, जिस पर सीएम योगी ने तुरंत संज्ञान लिया और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि “इस बच्ची का दाखिला हर हाल में कराया जाए।”

बच्ची का नाम वाची है और वह अपने पिता अमित कुमार के साथ मुख्यमंत्री के पास पहुंची थी। जैसे ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बच्ची के पास पहुंचे, उन्होंने प्यार से उसका हालचाल पूछा और उसका प्रार्थना पत्र लिया। फिर मुस्कुराते हुए पूछा, “तू स्कूल नहीं जाना चाहती?” इस पर बच्ची ने बड़ी ही मासूमियत से कहा, “नहीं… स्कूल जाना चाहती हूं। मैं तो यह कह रही थी कि आप मेरा एडमिशन करवा दीजिए।”

मुख्यमंत्री के चेहरे पर मुस्कान आ गई। उन्होंने चुटकी लेते हुए पूछा, “किस क्लास में? 10वीं या 11वीं?” इस पर बच्ची तपाक से बोली, “मुझे नाम नहीं पता।” बच्ची की यह हाजिरजवाबी न केवल मुख्यमंत्री को बल्कि आसपास मौजूद सभी लोगों को मुस्कराने पर मजबूर कर गई। मुख्यमंत्री ने तुरंत प्रमुख सचिव (गृह) संजय प्रसाद को बच्ची का आवेदन सौंपा और स्पष्ट निर्देश दिए कि बच्ची का दाखिला हर हाल में सुनिश्चित कराया जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने तत्परता दिखाते हुए सिर्फ चार घंटे के भीतर बच्ची वाची का नाम मुरादाबाद के सीएल गुप्ता वर्ल्ड स्कूल में कक्षा नर्सरी में एडमिशन के लिए सुनिश्चित कर दिया। इस संबंध में स्कूल ने एक पत्र भी जारी कर मुरादाबाद के बीएसए को सूचित किया कि वाची का नाम चौथी लॉटरी में स्कूल में आवंटित हुआ था और अब उसका दाखिला ले लिया गया है।

मुख्यमंत्री से मिलने के बाद वाची ने मीडिया से बातचीत में बताया, “मैं योगी जी से मिलकर आई हूं। मैंने उनसे कहा कि मेरा स्कूल में एडमिशन करवा दीजिए, उन्होंने कहा कि मैं करवा दूंगा। योगी जी ने मुझे बिस्कुट और चॉकलेट भी दी।” बच्ची की मासूम मुस्कान और मुख्यमंत्री की तुरंत कार्यवाही इस बात का प्रमाण है कि प्रशासनिक कठोरता के पीछे एक संवेदनशील और कोमल मन भी छिपा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह छवि कोई नई नहीं है। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में वह संत हैं, तो मुख्यमंत्री के रूप में एक कुशल प्रशासक। लेकिन बच्चों के प्रति उनका विशेष लगाव हर मौके पर सामने आता है। चाहे कोई सरकारी कार्यक्रम हो, कोई निरीक्षण यात्रा या ‘जनता दर्शन’, जहां भी बच्चे मिलते हैं, योगी आदित्यनाथ उनसे बात करते हैं, हालचाल पूछते हैं और अक्सर चॉकलेट या बिस्किट भी देते हैं। वाची के साथ हुआ संवाद एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि उनका बालमन बच्चों की मासूम भावनाओं को बखूबी समझता है।

एक नन्ही बच्ची की आवाज को इतनी गंभीरता से लेना और इतनी तेजी से उस पर कार्रवाई करना केवल एक सच्चे जनसेवक की पहचान है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस संवेदनशीलता और कार्यक्षमता ने प्रशासनिक मशीनरी को भी यह संदेश दिया है कि शासन का असली उद्देश्य आम जनता, विशेषकर कमजोर वर्गों की समस्याओं का तुरंत समाधान करना है। वाची का यह दाखिला न केवल शिक्षा की ओर उसका पहला कदम है, बल्कि एक बच्ची के सपनों को पंख देने वाली सरकार की भी मिसाल है।

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Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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