नगर परिषद सिवान में 76 योजनाओं की फाइलें गायब, संचिकाओं की तलाश में छापेमारी, भ्रष्टाचार पर प्रशासन का सख्त रुख

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

सिवान : नगर परिषद सिवान (Siwan Nagar Parishad) में स्वीकृत विकास योजनाओं से संबंधित संचिकाओं (Files) के अचानक गायब होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर नगर परिषद सिवान के कार्यालय सहायक एवं कनीय अभियंता के आवास पर छापेमारी (Raid) की गई। यह कार्रवाई नगर परिषद सिवान के कार्यपालक पदाधिकारी (Executive Officer) विपिन कुमार के निर्देश पर की गई, जिसे भ्रष्टाचार (Corruption) और प्रशासनिक अनियमितताओं पर सख्त रुख के रूप में देखा जा रहा है।

कार्यपालक पदाधिकारी विपिन कुमार ने बताया कि नगर परिषद सिवान के पूर्व कार्यपालक पदाधिकारी के कार्यकाल के दौरान कुल 76 योजनाओं (76 Approved Schemes) की स्वीकृति से संबंधित संचिकाएं वर्तमान में कार्यालय रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं। इन योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों के अभाव में न केवल योजनाओं की जांच (Verification) प्रभावित हो रही थी, बल्कि पारदर्शिता (Transparency) और जवाबदेही (Accountability) पर भी सवाल खड़े हो रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए संचिकाओं की खोज के उद्देश्य से यह छापेमारी की गई।

जानकारी के अनुसार, यह छापेमारी नगर परिषद के कार्यालय सहायक रंजीत कुमार एवं कनीय अभियंता (Junior Engineer) ओमप्रकाश कुमार के आवास पर की गई। छापेमारी के दौरान विभिन्न सरकारी दस्तावेजों (Official Documents) और अभिलेखों की गहनता से जांच की गई। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, जांच प्रक्रिया अभी जारी है और हर पहलू को गंभीरता से खंगाला जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी संख्या में संचिकाएं आखिर कहां गईं और इसके पीछे क्या कारण हैं।

प्रशासन का मानना है कि नगर परिषद जैसी स्थानीय निकाय (Local Body) में योजनाओं से जुड़े दस्तावेजों का इस प्रकार गायब होना एक गंभीर विषय है। इन संचिकाओं के माध्यम से ही योजनाओं के वित्तीय प्रावधान (Financial Allocation), कार्य प्रगति (Work Progress) और गुणवत्ता की जांच संभव होती है। दस्तावेजों के अभाव में न केवल जांच बाधित होती है, बल्कि सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका भी बढ़ जाती है।

इस मामले पर जिला पदाधिकारी सिवान (District Magistrate Siwan) विवेक रंजन मैत्रेय ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि जिले के किसी भी कार्यालय में किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि जांच में सरकारी योजनाओं से संबंधित दस्तावेजों में लापरवाही, अनियमितता या जानबूझकर की गई गड़बड़ी सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई (Strict Action) की जाएगी।

जिला प्रशासन ने यह भी संकेत दिया है कि यदि जांच के दौरान किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता (Financial Irregularity) या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई (Legal Action) सुनिश्चित की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर मामले को उच्चस्तरीय जांच एजेंसियों को भी सौंपा जा सकता है।

नगर परिषद सिवान में हुई यह छापेमारी प्रशासन की उस मंशा को दर्शाती है, जिसमें पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जा रही है। इस कार्रवाई को स्थानीय निकायों में सुशासन (Good Governance) स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिसके बाद पूरे मामले की वास्तविक स्थिति सामने आ सकेगी।

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Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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