रामपुर में स्कूलों में गठित होंगे हेरिटेज क्लब, इंटेक रुहेलखण्ड चैप्टर की पहल से बढ़ेंगी सांस्कृतिक गतिविधियां

Report By : राहुल मौर्य
रामपुर : इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (INTACH) रुहेलखण्ड चैप्टर द्वारा जिलेभर के स्कूलों में हेरिटेज क्लब (Heritage Club) गठित कर सांस्कृतिक और विरासत से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। इसी क्रम में मंगलवार को इंटेक रुहेलखण्ड चैप्टर के संयोजक एवं पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां (Naved Miyan) और सह संयोजक काशिफ खां (Kashif Khan) ने मिलक स्थित लर्निंग लैडर स्कूल (Learning Ladder School) का दौरा किया।
स्कूल पहुंचने पर ब्लॉक प्रमुख अर्चना गंगवार, शुभांक प्रकाश गंगवार और दर्शिता गंगवार द्वारा इंटेक पदाधिकारियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान विद्यालय परिसर में सकारात्मक और उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला। नवेद मियां ने स्कूल का भ्रमण (School Visit) किया और कक्षा-कक्षों में जाकर विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की शैक्षणिक समझ, अनुशासन और रचनात्मक गतिविधियों में रुचि की सराहना की और लर्निंग लैडर स्कूल के शैक्षिक स्तर (Educational Standard) को सराहनीय बताया।

नवेद मियां ने कहा कि इंटेक का मुख्य उद्देश्य देश की कला, संस्कृति और विरासत (Indian Art, Culture and Heritage) को संरक्षित करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को इससे जोड़ना है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में गठित किए जाने वाले हेरिटेज क्लबों के माध्यम से छात्रों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक किया जाएगा। इन क्लबों के अंतर्गत विभिन्न रचनात्मक और शैक्षिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिससे बच्चों में इतिहास और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित हो सके।
उन्होंने जानकारी दी कि इंटेक द्वारा हेरिटेज वॉक (Heritage Walk), क्विज प्रतियोगिताएं (Quiz Competitions), कला कार्यशालाएं (Art Workshops), ऐतिहासिक स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण (Educational Tours) और सांस्कृतिक उत्सव (Cultural Events) जैसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। इन गतिविधियों का उद्देश्य छात्रों को किताबों से बाहर निकलकर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे अपनी सांस्कृतिक जड़ों को बेहतर ढंग से समझ सकें।
नवेद मियां ने यह भी कहा कि इंटेक केवल छात्रों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षकों (Teachers) को भी विरासत संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशालाएं (Training Workshops) आयोजित करता है। इससे शिक्षक भी छात्रों को सही मार्गदर्शन दे सकें और स्कूल स्तर पर विरासत संरक्षण की सोच को मजबूत किया जा सके।
सह संयोजक काशिफ खां ने कहा कि रुहेलखण्ड क्षेत्र में इंटेक की गतिविधियों को और अधिक विस्तार दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि स्कूलों में हेरिटेज क्लबों के गठन से बच्चों में नेतृत्व क्षमता (Leadership Skills), टीमवर्क और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी। इस अवसर पर स्कूल प्रबंधन ने भी इंटेक के इस प्रयास का स्वागत करते हुए पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
कुल मिलाकर, मिलक के लर्निंग लैडर स्कूल में इंटेक रुहेलखण्ड चैप्टर का यह दौरा शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक चेतना (Cultural Awareness) को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। यह पहल आने वाले समय में जिले के अन्य स्कूलों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगी।





