यूपी में ई-केवाईसी की डेडलाइन नजदीक, 4 दिन में नहीं कराया तो बंद हो जाएगा मुफ्त राशन

अमेठी में 1.04 लाख से ज्यादा यूनिटों पर संकट, शासन के निर्देश पर e-KYC अनिवार्य, पांच साल में एक बार कराना जरूरी, लापरवाही पर Free Ration से वंचित होंगे लाभार्थी

Report By : कर्मक्षेत्र टीवी डेस्क टीम

उत्तर प्रदेश में मुफ्त राशन योजना (Free Ration Scheme) का लाभ ले रहे लाखों कार्डधारकों के लिए बड़ा अलर्ट सामने आया है। राज्य सरकार और खाद्य एवं रसद विभाग (Food & Civil Supplies Department) की ओर से ई-केवाईसी (e-KYC) को अनिवार्य कर दिया गया है। अमेठी जिले में अब ई-केवाईसी कराने के लिए केवल चार दिन का समय शेष है। तय समय सीमा तक प्रक्रिया पूरी न करने वाले लाभार्थियों का राशन कार्ड अस्थायी रूप से निलंबित (Suspended) किया जा सकता है।

जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, अमेठी में ऐसे लगभग 1.04 लाख यूनिट हैं, जिनकी ई-केवाईसी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। यदि दिसंबर के अंत तक ये कार्डधारक अपनी e-KYC नहीं कराते हैं, तो उन्हें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA – National Food Security Act) के तहत मिलने वाला मुफ्त राशन बंद कर दिया जाएगा। यह कदम पारदर्शिता (Transparency) और फर्जी लाभार्थियों (Fake Beneficiaries) की पहचान के उद्देश्य से उठाया गया है।

अमेठी जिले में कुल 70 हजार अंत्योदय अन्न योजना (Antyodaya Anna Yojana) कार्डधारक और लगभग 2.71 लाख पात्र गृहस्थी (PHH – Priority Household) कार्डधारक पंजीकृत हैं। शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि प्रत्येक पांच वर्ष में एक बार सभी राशन कार्ड यूनिटों की ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसके तहत आधार प्रमाणीकरण (Aadhaar Authentication) के माध्यम से लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित की जाती है।

जिला पूर्ति अधिकारी (District Supply Officer – DSO) ने बताया कि e-KYC न होने की स्थिति में सिस्टम स्वतः कार्ड को निष्क्रिय (Inactive) कर देता है, जिससे लाभार्थी को राशन वितरण प्रणाली (Public Distribution System – PDS) से बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि कई मामलों में लोग जानकारी के अभाव या लापरवाही के कारण ई-केवाईसी नहीं करा पा रहे हैं, जबकि यह प्रक्रिया पूरी तरह सरल और निःशुल्क (Free of Cost) है।

ई-केवाईसी कराने के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी कोटेदार (Fair Price Shop Dealer), जनसेवा केंद्र (CSC – Common Service Center) या अधिकृत राशन दुकान पर जाकर आधार कार्ड के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन (Biometric Verification) करा सकते हैं। शासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि एक कार्ड पर दर्ज सभी यूनिटों की e-KYC कराना जरूरी है, अन्यथा आंशिक सत्यापन (Partial Verification) मान्य नहीं होगा।

प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया इसलिए जरूरी है ताकि वास्तविक जरूरतमंदों (Genuine Beneficiaries) तक ही सरकारी सहायता पहुंचे। पिछले कुछ वर्षों में यह सामने आया था कि कई अपात्र लोग (Ineligible Persons) भी मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। e-KYC के माध्यम से ऐसे मामलों पर रोक लगेगी और योजनाओं की Efficiency बढ़ेगी।

जिला प्रशासन और खाद्य विभाग की टीम लगातार गांव-गांव जाकर जागरूकता अभियान (Awareness Campaign) चला रही है। लाउडस्पीकर, नोटिस और स्थानीय माध्यमों से लोगों को अंतिम तिथि की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि डेडलाइन के बाद कोई विशेष छूट (Relaxation) नहीं दी जाएगी।

लाभार्थियों से अपील की गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी कराएं। ऐसा न करने पर जनवरी माह से उन्हें राशन वितरण से बाहर किया जा सकता है, जिसका सीधा असर गरीब और जरूरतमंद परिवारों पर पड़ेगा।

कुल मिलाकर, यूपी में मुफ्त राशन योजना का लाभ बनाए रखने के लिए e-KYC अब अनिवार्य शर्त बन चुकी है। समय रहते प्रक्रिया पूरी करना ही एकमात्र विकल्प है, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा और खाद्य संकट से बचा जा सके।

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