खतरे के साए में पढ़ाई को मजबूर मासूम बच्चे, एचटी लाइन और जर्जर भवन ने बढ़ाई प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर की चिंता

Report By : संजय साहू चित्रकूट

चित्रकूट : पहाड़ी विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर (Primary School Laxmipur) में शिक्षा ग्रहण कर रहे मासूम बच्चे इन दिनों गंभीर खतरे (Serious Risk) के साए में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। विद्यालय परिसर से होकर गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन (HT Line) और जर्जर भवन (Dilapidated Building) न केवल बच्चों की सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर कर रही है। हैरानी की बात यह है कि यह स्थिति कोई नई नहीं, बल्कि पिछले दस वर्षों से अधिक समय से बनी हुई है, बावजूद इसके जिम्मेदार विभागों द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिजली विभाग (Electricity Department) द्वारा जानबूझकर विद्यालय प्रांगण के भीतर से एचटी लाइन गुजार दी गई है। इतना ही नहीं, विद्युत पोल (Electric Pole) भी विद्यालय की छत के ठीक पास स्थापित कर दिया गया है। विद्यालय परिसर के एकदम नजदीक तालाब (Pond) स्थित है और बरसात के दिनों में जब स्कूल परिसर में जलभराव (Water Logging) हो जाता है, तब करंट फैलने (Electric Current Risk) का गंभीर खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों और विद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस वजह से अब तक कई जीव-जंतुओं (Animals) की जान भी जा चुकी है।

विद्यालय परिसर से होकर गुजर रही हाई टेंशन विद्युत लाइन


विद्यालय के प्रधानाध्यापक विवेक त्रिपाठी (Headmaster Vivek Tripathi) ने बताया कि इस गंभीर समस्या को लेकर कई बार उच्च अधिकारियों (Senior Officials) को अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। उन्होंने बताया कि विद्यालय में निर्धारित 19 शैक्षणिक पैरामीटर (Education Parameters) में से 18 धरातल पर लागू नहीं हैं। छह कक्षों के सापेक्ष केवल चार कमरे उपयोग में हैं, वह भी जर्जर स्थिति (Unsafe Condition) में। विद्यालय में न तो किचन (Kitchen) की व्यवस्था है और न ही शौचालय (Toilet Facility) जैसी बुनियादी सुविधाएं पूर्ण रूप से उपलब्ध हैं, जिससे बच्चों और शिक्षकों दोनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

एचटी लाइन को हटाने को लेकर आगरा डिवीजन (Agra Division) से लेकर लखनऊ (Lucknow) स्थित उच्च अधिकारियों तक लगातार एक वर्ष से एक्स यानी ट्विटर (X – Twitter) के माध्यम से शिकायतें भेजी गईं, लेकिन इसके बावजूद बिजली विभाग ने कोई संज्ञान नहीं लिया। यहां तक कि जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग (District Magistrate Pulkit Garg) द्वारा जिला स्तरीय बैठक (District Level Meeting) में विद्यालय परिसर से तत्काल विद्युत लाइन हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, फिर भी संबंधित विभाग कुंभकरणी नींद (Administrative Apathy) में सोता नजर आ रहा है।

स्थानीय अभिभावकों (Parents) का कहना है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय हर दिन डर के माहौल में रहते हैं। किसी भी समय बड़ा हादसा (Major Accident) हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं। वहीं, इस पूरे मामले पर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी (Basic Education Officer) बी.के. शर्मा चित्रकूट से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है। जिला स्तरीय बैठक में उप जिलाधिकारी (Sub Divisional Magistrate) से इस विषय पर चर्चा हो चुकी है और जल्द ही एचटी लाइन हटाने तथा ध्वस्त चार कमरों के संबंध में आवश्यक कार्रवाई (Necessary Action) की जाएगी।

फिलहाल स्थिति यह है कि प्राथमिक विद्यालय लक्ष्मीपुर में पढ़ने वाले छोटे-छोटे बच्चे और शिक्षक रोजाना जान जोखिम (Life Risk) में डालकर शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। यह मामला न केवल शिक्षा व्यवस्था (Education System) की बदहाली को दर्शाता है, बल्कि प्रशासनिक उदासीनता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी दिन यह लापरवाही एक बड़े हादसे का रूप ले सकती है।

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Mukesh Kumar

मुकेश कुमार पिछले 3 वर्ष से पत्रकारिता कर रहे है, इन्होंने सर्वप्रथम हिन्दी दैनिक समाचार पत्र सशक्त प्रदेश, साधना एमपी/सीजी टीवी मीडिया में संवाददाता के पद पर कार्य किया है, वर्तमान में कर्मक्षेत्र टीवी वेबसाईट में न्यूज इनपुट डेस्क पर कार्य कर रहे है !

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