मैरवा में स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त छापेमारी

विशेष संवाददाता बिहार| कर्मक्षेत्र टीवी
सीवान: मैरवा में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने अवैध रूप से संचालित निजी अस्पतालों और जांच घरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए व्यापक छापेमारी अभियान चलाया। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल देखा गया।
कार्यपालक दंडाधिकारी रविन्द्र कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने मैरवा के विभिन्न इलाकों में स्थित चार निजी अस्पतालों और तीन जांच घरों पर एक साथ छापेमारी की। छापेमारी की भनक लगते ही कई अस्पतालों में मौजूद डॉक्टर, स्टाफ और मरीज अस्पताल छोड़कर बाहर निकलते नजर आए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि कई प्रतिष्ठान नियमों के तहत संचालित नहीं हो रहे थे।
संयुक्त टीम ने मैरवा मेन रोड, गंडक कॉलोनी और महावीरी सहित कई स्थानों पर जांच अभियान चलाया। इस दौरान मैरवा मेन रोड स्थित जीवन ज्योति हॉस्पिटल, मैरवा धाम स्थित साईं हॉस्पिटल, खादी भंडार के समीप स्थित कृष्णा जांच घर (डॉ. अर्जुन यादव), हरिराम डिग्री कॉलेज परिसर में स्थित मां मंजू हॉस्पिटल (डॉ. पप्पू कुमार यादव), प्राणगढ़ी रोड स्थित मां निशा सेवा सदन (डॉ. मनीष तिवारी) तथा बिस्कोमान गोदाम के सामने स्थित संजय कुमार और राधे जांच घर के प्रतिष्ठानों की गहन जांच की गई।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इन निजी अस्पतालों और जांच घरों के अवैध संचालन को लेकर जिला प्रशासन को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं। आरोप था कि कई संस्थान बिना पंजीकरण, बिना योग्य चिकित्सक और आवश्यक मानकों के संचालन कर रहे हैं, जिससे आम जनता के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह संयुक्त कार्रवाई की गई।
छापेमारी के दौरान टीम ने संबंधित अस्पतालों और जांच घरों से पंजीकरण प्रमाण पत्र, चिकित्सकों की डिग्री, स्टाफ की योग्यता, जांच उपकरणों की वैधता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। कई स्थानों पर दस्तावेजों में खामियां पाए जाने की बात सामने आई है। प्रशासन ने सभी प्रतिष्ठानों को आवश्यक कागजात प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है और नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और जांच घरों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इस कार्रवाई के बाद मैरवा क्षेत्र के निजी अस्पताल संचालकों और जांच घरों में हड़कंप का माहौल है। वहीं आम जनता ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।





