आंगनबाड़ी एवं विद्यालयी बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए

विशेष संवाददाता बिहार कर्मक्षेत्र टीवी

सीवान: आंगनबाड़ी एवं विद्यालयी बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए जिलेभर के प्राथमिक एवं प्रारंभिक विद्यालयों में गुरुवार को बाल उत्सव का व्यापक आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसरों में वार्षिक उत्सव, स्पोर्ट्स मीट एवं बाल मेला का आयोजन हुआ, जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे बच्चों के साथ-साथ विद्यालयी छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों को विद्यालयी वातावरण से जोड़ना, उनकी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करना तथा उनमें आत्मविश्वास का संचार करना रहा।

जिले के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित बाल उत्सव कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए खेलकूद, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों की विशेष व्यवस्था की गई। बाल मेला एवं स्पोर्ट्स मीट के दौरान बच्चों ने दौड़, खेल प्रतियोगिताएं, चित्रकला, गीत-संगीत तथा नृत्य जैसी प्रस्तुतियों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ी और उनकी प्रतिभा को मंच मिला।

दारौंदा प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों में आयोजित बाल उत्सव कार्यक्रम के संबंध में शिक्षकों हरिचरण यादव, रवींद्र कुमार एवं शंभू मांझी ने जानकारी दी कि कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए प्रत्येक चयनित विद्यालय को 20 हजार रुपये की ड्राइंग लिमिट स्वीकृत की गई है। यह निर्णय मिशन निपुण बिहार के तहत आयोजित राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया था, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए रचनात्मक, शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा सके।

कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी 31 जनवरी को आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) में बच्चों द्वारा प्रस्तुत की गई शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं रचनात्मक गतिविधियों को अभिभावकों के साथ साझा किया जाएगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किए जाने की भी योजना है, जिससे बच्चों का उत्साह और मनोबल और अधिक बढ़ सके।

लकड़ी नबीगंज प्रखंड के प्राथमिक विद्यालय लखनौरा में प्रधानाध्यापक बेबी कुमारी एवं संकुल समन्वयक काशिफ इसरार के नेतृत्व में वार्षिक बाल महोत्सव मेला आयोजित किया गया। मेले में बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न रचनात्मक एवं शैक्षणिक स्टाल अभिभावकों के आकर्षण का केंद्र रहे। अभिभावकों ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए इस प्रकार के आयोजनों को बच्चों के विकास के लिए आवश्यक बताया।

वहीं, सदर प्रखंड के राजकीय प्राथमिक विद्यालय लखरांव में बाल मेला एवं स्पोर्ट्स मीट का आयोजन किया गया, जिसमें आंगनबाड़ी एवं विद्यालयी बच्चों ने संयुक्त रूप से सांस्कृतिक एवं खेलकूद कार्यक्रम प्रस्तुत किए। बच्चों के उत्साह और सहभागिता ने पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया।

हुसैनगंज प्रखंड के मध्य विद्यालय बड़रम में सीआरसी स्तर पर बाल मेला का आयोजन किया गया। इस आयोजन में आंगनबाड़ी केंद्रों के नन्हे बच्चों के साथ-साथ कक्षा एक, दो एवं तीन के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बच्चों की प्रस्तुतियों को शिक्षकों एवं अभिभावकों से भरपूर सराहना मिली।

इसके अलावा हसनपुरा, रघुनाथपुर, आंदर, गुठनी, बड़हरिया, मैरवा, गौरेयाकोठी, जीरादेई एवं पचरुखी प्रखंडों में भी बाल उत्सव का आयोजन कर बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान किया गया। जिला स्तर पर आयोजित इस पहल को शिक्षा एवं बाल विकास के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिससे बच्चों का शैक्षणिक, मानसिक एवं सामाजिक विकास सुनिश्चित हो सके।

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