दो लाख के इनामी कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय ने किया सरेंडर

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद

भोजपुर और रोहतास जिले के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ दो लाख रुपये का इनामी कुख्यात अपराधी दीपक पांडेय आखिरकार पुलिस के दबाव में आ गया। शुक्रवार को दीपक पांडेय ने रोहतास जिले के डेहरी स्थित व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। उसके सरेंडर के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

दीपक पांडेय भोजपुर जिले के तरारी थाना क्षेत्र अंतर्गत भकुरा गांव का रहने वाला है। उस पर भोजपुर और रोहतास जिलों में हत्या, अवैध हथियार रखने और अन्य गंभीर आपराधिक मामलों सहित आधा दर्जन से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। मिथुन हत्याकांड, हर्षित हत्याकांड और योगेन्द्र हत्याकांड जैसे कई चर्चित मामलों में उसका नाम सामने आ चुका है।

2019 के निकु सिंह हत्याकांड में किया सरेंडर
जानकारी के अनुसार दीपक पांडेय ने सात नवंबर 2019 को रोहतास जिले के दरिहट थाना क्षेत्र अंतर्गत ईंट-भट्ठा के पास हुए निकु सिंह हत्याकांड से जुड़े मामले में अदालत में सरेंडर किया है। इस मामले के बाद से ही वह फरार चल रहा था। करीब दस वर्षों से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन वह लगातार ठिकाने बदलकर कानून की पकड़ से बचता रहा।

उसके आपराधिक इतिहास और फरारी को देखते हुए वर्ष 2025 में जिला प्रशासन द्वारा उस पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई बार छापेमारी की, लेकिन हर बार वह बच निकलने में सफल रहा।

भोजपुर एसपी ने की सरेंडर की पुष्टि
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इनामी अपराधी के सरेंडर की पुष्टि करते हुए बताया कि दीपक पांडेय के खिलाफ दर्ज सभी मामलों में उसे रिमांड पर लेने के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन दिया जाएगा। रिमांड के दौरान उससे पूछताछ कर अन्य आपराधिक घटनाओं और नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां जुटाने की कोशिश की जाएगी।

एसपी ने बताया कि नवादा, सिकरहट्टा, सहार और चांदी थाना क्षेत्रों में उसके खिलाफ हत्या, अवैध हथियार रखने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े कई मामले दर्ज हैं।

लगातार दबाव और संभावित गिरफ्तारी बनी वजह
पुलिस सूत्रों के अनुसार, लगातार पुलिस दबिश, संभावित गिरफ्तारी और बढ़ते कानूनी दबाव के कारण दीपक पांडेय ने अदालत में आत्मसमर्पण का रास्ता चुना। हाल के दिनों में उसके संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही थी, जिससे उसकी गतिविधियां सीमित हो गई थीं।

सरेंडर से पहले जारी किया वीडियो
सरेंडर से पहले दीपक पांडेय ने एक वीडियो भी जारी किया था, जिसमें उसने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया। वीडियो में उसने दावा किया कि उसके दो चचेरे भाइयों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी और उसके विरोधियों ने साजिश के तहत उसका नाम विभिन्न मामलों में फंसा दिया।

उसने यह भी कहा कि वर्ष 2018 में उसे गोली मारी गई थी और उसके खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे फर्जी हैं। वीडियो में दीपक पांडेय ने यह दावा किया कि वह न्याय पाने के लिए भोजपुर एसपी राज की पहल पर अदालत में आत्मसमर्पण कर रहा है।

पुलिस और प्रशासन को मिली राहत
दीपक पांडेय के सरेंडर के बाद भोजपुर और रोहतास पुलिस के साथ-साथ जिला प्रशासन ने भी राहत की सांस ली है। लंबे समय से फरार इस कुख्यात अपराधी के आत्मसमर्पण को कानून व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।

अब पुलिस उससे पूछताछ कर लंबित मामलों की कड़ियां जोड़ने और अन्य फरार आरोपियों तक पहुंचने की तैयारी में जुट गई है। आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े कई और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

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