जगदीशपुर प्रखण्ड के पश्चिमी आयर पंचायत में जनसमस्याओं को लेकर…

संवाददाता: तारकेश्वर प्रसाद
जगदीशपुर: पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। पंचायत के मुखिया उमेश कुमार सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) क्रांति कुमार को एक लिखित पत्र सौंपते हुए क्षेत्र की कई ज्वलंत समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। मुखिया द्वारा दिए गए आवेदन में कुल आठ सूत्री मांगें शामिल हैं, जिनका सीधा संबंध आम जनता, किसानों और जरूरतमंद वर्गों से जुड़ा हुआ है।
मुखिया उमेश कुमार सिंह ने पत्र में प्रमुख रूप से दुलौर अस्पताल के पास लगाए गए बैरिकेड को हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि बैरिकेड के कारण स्थानीय लोगों, मरीजों और एंबुलेंस के आवागमन में गंभीर परेशानी हो रही है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह की बाधा से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं, जिसे जल्द हटाना आवश्यक है।
पत्र में आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए पेयजल संकट की आशंका भी जताई गई है। मुखिया ने मांग की है कि समय रहते पंचायत क्षेत्र में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पानी के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने बताया कि हर वर्ष गर्मियों में जलस्तर गिरने से कई वार्डों में पेयजल की गंभीर समस्या उत्पन्न हो जाती है।
इसके साथ ही दाखिल-खारिज और परिमार्जन से जुड़े मामलों में आम नागरिकों को हो रही परेशानियों का भी उल्लेख किया गया है। मुखिया ने कहा कि राजस्व से संबंधित इन प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी और तकनीकी अड़चनों के कारण लोग महीनों तक कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं, जिससे आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है।
किसानों की समस्याओं को उठाते हुए मुखिया उमेश कुमार सिंह ने बर्बाद हुई धान फसल का मुआवजा शीघ्र दिलाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में प्राकृतिक कारणों से किसानों की धान की फसल को भारी नुकसान हुआ, लेकिन अब तक कई किसानों को मुआवजा नहीं मिल सका है। इससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
पत्र में कहेन गांव में जलजमाव की गंभीर समस्या का भी जिक्र किया गया है। मुखिया के अनुसार, जलजमाव के कारण ग्रामीणों का आवागमन बाधित हो रहा है और मच्छरों का प्रकोप बढ़ने से बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। उन्होंने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की मांग की है।
इसके अलावा, अनावश्यक प्राथमिकी दर्ज किए जाने की शिकायत भी आवेदन में शामिल है। मुखिया ने कहा कि बेवजह मुकदमे दर्ज होने से निर्दोष लोगों को मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिस पर प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।
सामाजिक सरोकार से जुड़े मुद्दों पर भी मुखिया ने प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने दिव्यांग प्रमाण-पत्र के लिए विशेष शिविर आयोजित करने, सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में व्याप्त गड़बड़ियों को दूर करने और आटापुर गांव में पंचायत भवन निर्माण में हो रही देरी पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
अंत में मुखिया उमेश कुमार सिंह ने कहा कि ये सभी मांगें जनता से सीधे जुड़ी हुई हैं और इन्हें लेकर पंचायत स्तर पर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उन्होंने बीडीओ क्रांति कुमार से आग्रह किया कि इन आठ सूत्री मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को राहत मिल सके।





