विद्यालय में 78 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की दूसरी खुराक

विशेष संवाददाता बिहार| कर्मक्षेत्र टीवी
सीवान: प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, महबूबछपरा में किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण को लेकर एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीनेशन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत विद्यालय की 78 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की दूसरी खुराक दी गई, जबकि कुल 80 छात्राओं की स्वास्थ्य जांच भी की गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर एवं अन्य गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने के साथ-साथ स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित फार्मासिस्ट दिलीप कुमार यादव ने एचपीवी वैक्सीन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि यह वैक्सीन किशोरियों के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह सर्वाइकल कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने जानकारी दी कि इससे पूर्व इसी विद्यालय की कुल 116 बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन की पहली खुराक दी जा चुकी है। दूसरी खुराक के तहत चौथी से आठवीं कक्षा की उपलब्ध 78 छात्राओं का टीकाकरण किया गया।
इस अवसर पर बीएचएम अंजनी कुमार ने कहा कि समय पर टीकाकरण न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य की रक्षा करता है, बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक सोच और जागरूकता भी बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यक्रमों से किशोरियों को गंभीर बीमारियों से बचाव के साथ-साथ स्वस्थ भविष्य की ओर अग्रसर किया जा सकता है, जिससे एक सशक्त और स्वस्थ समाज की नींव मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा छात्राओं की सामान्य स्वास्थ्य जांच भी की गई, जिसमें पोषण, सामान्य शारीरिक स्थिति एवं अन्य स्वास्थ्य मानकों की समीक्षा की गई। छात्राओं और शिक्षकों को स्वच्छता, पोषण एवं नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के बारे में भी जानकारी दी गई।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक मनोज कुमार ठाकुर ने स्वास्थ्य विभाग एवं विद्यालय परिवार की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के टीकाकरण एवं स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के निरंतर आयोजन की आवश्यकता पर बल दिया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक मो. इमामुद्दीन नूर, अनीस फातिमा, उदय कुमार, सुनीता कुमारी, रश्मि कुमारी, नूर सब्बा खातून, तब्बसुम जहां, प्रियंका सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं की सक्रिय भूमिका रही। सभी ने मिलकर छात्राओं को प्रेरित किया और टीकाकरण अभियान को सुचारू रूप से संपन्न कराया।
कुल मिलाकर, यह कार्यक्रम किशोरियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ, जिससे न केवल बालिकाओं को सुरक्षा मिली, बल्कि अभिभावकों और समाज में भी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश गया।





