व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग में अबतक 62 निवेशकों के माध्यम से 5,189.87 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त

 

रिपोर्ट : आकाश कुमार यादव 

लखनऊ : प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास राज्य मंत्री (स्वतन्त्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान सरकार ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया है, जिसके अन्तर्गत माह फरवरी में यूपी ग्लोबल इन्वेसटर्स समिट-2023 का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रत्येक विभाग अपने यहां निवेश की संभावनाओं के अनुरूप निवेशकों को निवेश करने हेतु आमंत्रित कर रहा है। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग हेतु 03 हजार करोड़ रूपये का निवेश का लक्ष्य दिया गया था। जिसके क्रम में अबतक 62 निवेशकों के माध्यम से 5,189.87 करोड़ रूपये का निवेश प्राप्त हुआ है तथा 33 निवेशकों के साथ 4267.83 करोड़ रूपये का एम.ओ.यू. हो गये है।

व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री प्रशिक्षण एवं सेवायोजन निदेशालय, उ0प्र0, लखनऊ के सभागार में औद्योगिक, व्यावसायिक, कौशल प्रशिक्षण क्षेत्र में इडंस्ट्री पार्टनर्स के साथ निवेश पर आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में निवेशकों के लिए कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा का बेहतर वातावरण विकसित किया गया है। उन्होने कहा कि उ0प्र0 में व्यापारियों को संरक्षण देने के साथ-साथ सम्मान देने का माहौल बना हुआ है। उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में मंत्रीमण्डल विदेश में जाकर उत्तर प्रदेश के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया गया है। उन्होने कहा कि विदेशों नय़े उत्तर प्रदेश की तारीफ हो रही है और बहुत सी कंपनियां उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिये आ रही है। उत्तर प्रदेश में निवेश को आमंत्रित करने के क्रम में विदेश के बाद देश की कंपनियों को भी उ0प्र0 में आमंत्रित किया जा रहा है। जिसके फलस्वरूप उ0प्र0 में उद्योग के विस्तार होने के साथ-साथ रोजगार का माहौल सृजित होगा।

कौशल विकास मंत्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुये कहा कि व्यावसायिक एवं कौशल प्रशिक्षण के क्षेत्र में निवेश की अपार सम्भावनायें हैं। 150 आई0टी0आई0 को टाटा के सहयोग से उच्चीकृत करने जा रही है। उन्होने निवेशकों को नये-नये विचार के साथ आने को आमंत्रित किया है और कहा कि प्रदेश सरकार आपके विचारों को फलीभूत करने के लिये काई कसर नहीं रखेगी। उन्होने कहा कि उपस्थित उद्योगपतियों का आभारी हूं कि वे यहां आये। उन्होने विभाग द्वारा किये जा रहे कार्यों व संचालित योजनाओं के बारे में बताते हुये कहा कि इसके साथ-साथ उन्होने कहा कि आप निवेश के नवीन रास्ते सुझायें, प्रदेश सरकार उनको लागू करने के आपको बेहतर अवसर तथा भौतिक एवं वित्तीय संसाधन उपलब्ध करायेगी। प्रशिक्षण का क्षेत्र एक अलग प्रकृति में आता है, जिसमें किये गये निवेश का परिणाम देश को युगों तक मिलता है।

प्रमुख सचिव सुभाष चन्द्र शर्मा ने कहा कि उ0प्र0 सरकार ने अगले 05 वर्षों (2022-27) की अवधि में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 01 ट्रिलियन डॉलर तक पहुचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की पूर्ति हेतु शासन द्वारा प्रदेश स्तर पर इन्वेस्ट यू0पी0 के नाम से एक विशिष्टि इकाई को स्थापित किया है तथा लक्ष्य की पूर्ति से सम्बन्धित कार्ययोजना को तैयार करने व उसके अनुरुप कार्यवाहियां सम्पादित करने के दृष्टिगत के लिये डेलॉयट इंडिया को कन्सलटेंसी एजेंसी नियुक्त किया है। प्रमुख सचिव ने विभागीय योजनाओं में निवेश हेतु उपलब्ध विकल्पों की जानकारी देते हुये बताया कि विभाग अपने नये निर्मित किये गये आई0टी0आई0 को पी0पी0पी0 मॉडल पर संचालित करा रहा है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षण में निजी सहभागिता के साथ-साथ उसकी गुणवत्ता को बढ़ाना मूल उद्देश्य है। उन्होने यह भी बताया कि उ0प्र0 कौशल विकास मिशन द्वारा संचालित किये जा रहे समस्त प्रशिक्षण कार्यक्रम निजी सहभागिता से ही संचालित किये जा रहे हैं। उन्होने बताया कि र्स्टाट-अप्स हेतु उ0प्र0 कौशल विकास मिशन र्स्टाट-अप ट्रेनिंग पार्टनर योजना को प्रारम्भ करने जा रहा है तथा इण्डस्ट्री के उपस्थित प्रतिनिधियों से अनुरोध किया कि आप इस योजना से जुड़े।
मिशन निदेशक कौशल विकास आन्द्रा वामसी ने कौशल विकास विभाग के माध्यम से उप्र0 में निवेशकों को आमंत्रित करने की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया। हरिकेश चौरसिया, निदेशक, प्रशिक्षण एवं सेवायोजन, उ0प्र0 ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि युवाओं को प्रशिक्षित करने में आप सभी का सहयोग अपेक्षित है। विभाग द्वारा संचालित की जा रहीं योजनाओं में निवेश करने का कष्ट करें,जिससे कि भविष्य के नये निवेशकों को तैयार किया जा सके। बैठक में आये हुये उद्योगपतियों ने मंत्री से अनुरोध किया कि विभागीय योजनाओं के नियमों को उद्योगों की मांग के अनुरुप और लचीला बनाये जाने की आवश्यकता है, जिससे कि विभिन्न समस्याओं को त्वरित निराकरण हो सके।

अंत में मानपाल सिंह, अपर निदेशक (प्रशि0/शिशिक्षु) ने बैठक में उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों को धन्यवाद ज्ञापित किया।संगोष्ठी में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आये हुये उद्योगपतियों व व्यापारियों के साथ-साथ औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी प्रतिभाग किया। इसके साथ-साथ चर्चा बैठक में समस्त विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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