किसान पंजीकरण मिशन मोड में संचालित, लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

संवाददाता: मृत्युंजय ठाकुर
वैशाली जिले में किसान पंजीकरण कार्य को तेज गति देने के उद्देश्य से जिला पदाधिकारी वर्षा सिंह ने सोमवार, 10 फरवरी 2026 को भगवानपुर प्रखंड का औचक निरीक्षण किया। राज्य सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किसान पंजीकरण अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए डीएम स्वयं मैदान में उतरीं और जमीनी स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान जिला पदाधिकारी ने सबसे पहले प्रखंड नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध संसाधनों, रजिस्टरों तथा ऑनलाइन पंजीकरण की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने भगवानपुर प्रखंड अंतर्गत मियां भैरो ग्राम पंचायत पहुंचकर चल रहे किसान पंजीकरण कैंप का अवलोकन किया। कैंप में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के क्रम में एक किसान सलाहकार के अनुपस्थित पाए जाने पर जिला पदाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसान पंजीकरण कार्य सरकार की प्राथमिकता में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
डीएम वर्षा सिंह ने सभी पंचायतों के किसान सलाहकारों की बैठक कर सख्त निर्देश दिए कि किसान पंजीकरण अभियान को मिशन मोड में संचालित किया जा रहा है, इसलिए इसे अत्यंत गंभीरता और प्राथमिकता के साथ पूर्ण किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र किसान सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी किसान सलाहकार डोर-टू-डोर भ्रमण कर अधिक से अधिक किसानों का पंजीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल कैंप लगाकर इंतजार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करना और उनका ऑन-द-स्पॉट पंजीकरण करना जरूरी है।
उन्होंने यह भी कहा कि पंजीकरण के दौरान किसानों को आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी पहले से दी जाए, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। साथ ही तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए प्रखंड स्तर पर समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया गया।
डीएम वर्षा सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की अनुपस्थिति, लापरवाही अथवा उदासीनता को गंभीरता से लिया जाएगा। संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसान पंजीकरण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि किसानों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
कई पदाधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता (वैशाली), प्रखंड विकास पदाधिकारी (भगवानपुर), अंचल अधिकारी (भगवानपुर), प्रखंड कृषि पदाधिकारी (भगवानपुर) सहित भगवानपुर प्रखंड की सभी पंचायतों के किसान सलाहकार उपस्थित थे। जिला पदाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया।
किसान पंजीकरण के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं—जैसे अनुदान, बीज वितरण, फसल बीमा, कृषि यंत्रीकरण और अन्य सहायता योजनाओं—का लाभ सीधे मिल सकेगा। प्रशासन का प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र किसान पंजीकरण से वंचित न रहे।
जिला प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। अब देखना होगा कि मिशन मोड में चल रहे इस अभियान से कितनी तेजी से लक्ष्य की प्राप्ति होती है और कितने किसानों को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलता है।





