चित्रकूट में स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर उबाल, कफ़न सत्याग्रह पर बैठे युवाओं का अल्टीमेटम, सीओ सिटी की धमकी से बढ़ा तनाव

Report By : संजय साहू चित्रकूट
चित्रकूट : जिले की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था और मेडिकल कॉलेज की मांग को लेकर चल रहा कफ़न सत्याग्रह अब उग्र रूप लेता जा रहा है। तीसरे दिन भी आमरण अनशन पर बैठे युवाओं ने प्रशासन के सामने ऐसा अल्टीमेटम रख दिया है, जिससे पूरे जिले में सनसनी फैल गई है। अनशन पर बैठे युवाओं का साफ कहना है कि जब तक मुख्यमंत्री स्वयं चित्रकूट आकर उनकी मांगों पर ठोस घोषणा नहीं करेंगे, तब तक वे अनशन नहीं तोड़ेंगे, चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए।
एलआईसी चौक स्थित शहीद पार्क में कफ़न पहनकर बैठे युवाओं का गुस्सा लगातार बढ़ता जा रहा है। उनका आरोप है कि जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पा रहा, गंभीर हालत में उन्हें बाहर रेफर किया जा रहा है और रास्ते में ही कई लोगों की जान चली जा रही है। युवाओं का कहना है कि सरकार सिर्फ आश्वासन देती रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने हुए हैं।
मामला उस वक्त और तनावपूर्ण हो गया जब देर शाम करीब सात बजे प्रदर्शनकारियों को समझाने के लिए मौके पर सीओ सिटी अरविंद वर्मा पहुंचे। बातचीत के दौरान आंदोलनकारियों और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। इस दौरान माहौल अचानक बिगड़ गया और विवाद बढ़ गया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सीओ सिटी को यह कहते हुए साफ सुना जा सकता है कि “अब तुम्हारे खिलाफ मुकदमा लिखूंगा।” इस बयान के बाद प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद आम लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। लोग पूछ रहे हैं कि क्या बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करना अपराध है, और क्या प्रशासन जनआंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। वायरल वीडियो ने पूरे जिले में हलचल मचा दी है और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
तीसरे दिन भी कफ़न सत्याग्रह जारी रहने से प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अनशनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें जनहित से जुड़ी हैं और वे किसी भी हाल में पीछे हटने वाले नहीं हैं। उनका स्पष्ट ऐलान है कि मुख्यमंत्री के चित्रकूट आने और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार व मेडिकल कॉलेज की घोषणा के बिना यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा। मौजूदा हालात को देखते हुए जिले में स्थिति संवेदनशील बनी हुई है और सभी की नजरें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।





