इटावा *बम बम के नारों से गुंजायमान हुआ संपूर्ण वातावरण पत्थर दिलों की भी श्रद्धा सनातन धर्म से जुडी दिखाई दी

भारेश्वरधाम भरेह में कांवड़ियों ने चढ़ाईं कावरें, मनोतियाँ मनाई,यहां पर श्रीमद भगवत कथा का भी हो रहा विशाल आयोजन

*बम बम के नारों से गुंजायमान हुआ संपूर्ण वातावरण पत्थर दिलों की भी श्रद्धा सनातन धर्म से जुडी दिखाई दी*

– भारेश्वरधाम भरेह में कांवड़ियों ने चढ़ाईं कावरें, मनोतियाँ मनाई,यहां पर श्रीमद भगवत कथा का भी हो रहा विशाल आयोजन
– कुंडेश्वर महादेव और हिडम्बेश्वर महादेव मंदिर हमीरपुरा पर भी देखने को मिला भक्तों का उफान
– पुरुष और महिलाओं ने भी श्रद्धा और भक्ति का किया प्रदर्शन


*(डॉक्टर एसबीएस चौहान)*
चकरनगर/इटावा। महाशिवरात्रि पर्व पर इटावा और आसपास के कांवरिया फर्रुखाबाद जिले के श्रंगीरामपुर से गंगाजल लेकर आते हैं। इन कांवड़ियों के लिए रोडवेज ने 50 अतिरिक्त बसें लगाईं थीं। इन बसों की सेवाएं 26 फरवरी से इटावा डिपो से आरंभ कर दी गई थीं। कांवड़ियों ने श्रद्धा भाव के साथ अर्थ का सार्थक व्यय और शारीरिक मशक्कत करते हुए कुंडेश्वर महादेव, भारेश्वर धाम मंदिर भरेह,हिडम्बेश्वर महादेव मंदिर हमीरपुरा के साथ-साथ जनपद के सैकड़ों शिवालयों में जलाभिषेक किया गया।

क्षेत्रीय प्रबंधक बीपी अग्रवाल ने बताया कि रीजन के इटावा डिपो से 26, औरैया, शिकोहाबाद, बेवर और मैनपुरी डिपो से 6-6 बसें कांवड़ियों के सुविधा हेतु लगाई गई थीं।चकरनगर क्षेत्र के दर्जनों शिवालय और अन्य देवी-देवताओं के स्थानों की साज-सज्जा 26 तारीख से ही कर ली गई थी। कांवड़ियों के स्वागत हेतु हर गांव में कई कई जगहों पर स्वागत हेतु ग्राम वासियों के द्वारा व्यवस्था की गई थी। बड़े ही श्रद्धा और भाव के साथ श्रृंगीऋषि धाम से आई काँवरों के भक्तों ने अपनी अपनी मन्नतें मनाते हुए शिवालयों, देवा लयों में जलाभिषेक किया। क्षीरेंद्र अवस्थी बताते हैं कि हिडम्बेश्वर महादेव मंदिर हमीरपुरा मैं “बम बम भोले की गूंज के साथ कंधों पर कांवर लिए अनेक समूहों में जाने वाले भक्तों की टोलियां भगवान शिव मंदिर हमीरपुरा पर पहुंची जहां भक्तों की इच्छा अति प्राचीन काल से पूरी हो रही है और आज भी अनवरत जारी है,भारी संख्या में लोगों ने महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर प्रसिद्ध शिवलिंग की पूजा करने और गंगा जल अर्पित करने के लिए इस स्थान पर पहुंचे” यह प्राचीन शिव मंदिर सब्दलपुरा में यमुना नदी के कगारों पर दुर्गम जंगल में स्थित है। बताया जाता है कि इस मंदिर में शिवलिंग की स्थापना महाभारत काल में भीम ने की थी। दूसरी तरफ सिद्धनाथ स्थान चंबल की कतारों में स्थापित है वहां भी भक्तों ने जलाभिषेक किया। भारेश्वर मंदिर भरेह मैं भी भक्तों ने बड़ी ही उत्सुकता और हर्षोल्लास के साथ भगवान पर जलाभिषेक किया। कुंडेश्वर धाम में स्थापित भगवान शंकर के मंदिर में भी कांवड़ियों ने बड़े ही लग्न और विश्वास के साथ जलाभिषेक किया। इस संवाददाता ने भरेह भारेश्वर मंदिर मैं उपस्थित तहसीलदार श्रीमती मोनालिसा जी व चकरनगर पुलिस क्षेत्राधिकारी राकेश बिष्ट अपने हमराही कई थानाध्यक्षों के साथ जो प्रशासनिक व्यवस्था में पूरी मशक्कत के साथ लगे हुए थे कि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की अड़चन और परेशानी ना हो के लिए जी जान से जुटे हुए थे। कांवड़ियों की तरह धूप की भी परवाह किए बिना तपस्या इनकी कांवरियों से कम नहीं दिख रही थी। सभी श्रद्धालु भक्तों द्वारा श्रद्धा भाव के साथ जगह जगह पर स्थापित शिवालयों देवालयों में जलाभिषेक और पूजा अर्चन किया।

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