शिव–शक्ति की अखंड साधना से जागेगा सनातन चेतना का महायज्ञ

Report By: संजय साहू


धर्मनगरी चित्रकूट में श्री शिवशक्ति महायज्ञ एवं राजराजेश्वरी महाआराधना का दिव्य आयोजन
जहां कण-कण में भगवान शिव का वास माना जाता है और जहां की भूमि तप, त्याग और साधना की साक्षी रही है, उसी धर्मनगरी चित्रकूट में सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का विराट आध्यात्मिक महोत्सव आरंभ हो चुका है। श्री शंकराचार्य विजयतेतराम की पुण्य परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री शिवशक्ति महायज्ञ एवं राजराजेश्वरी महाआराधना का दिव्य एवं अलौकिक आयोजन 7 फरवरी से 15 फरवरी 2026 तक श्रद्धा, भक्ति और वैदिक विधानों के साथ संपन्न कराया जा रहा है।

यह आयोजन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि शिव और शक्ति के अद्वैत तत्त्व का सजीव प्रतीक है, जो मानव जीवन, समाज और राष्ट्र को धर्म से जोड़ने का कार्य करेगा। यह महायज्ञ पूर्वाम्नाय गोवर्धनमठ पुरी पीठाधीश्वर, जगद्गुरु शंकराचार्य अनंतश्री विभूषित स्वामी श्री अधोक्षजानंद देवतीर्थ जी महाराज के पावन सान्निध्य और दिव्य मार्गदर्शन में आयोजित हो रहा है।

जगद्गुरु शंकराचार्य जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब समाज धर्म से विमुख होने लगता है, तब ऐसे महायज्ञ सनातन आत्मा को पुनर्जीवित करने का कार्य करते हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि शिव चेतना और शक्ति उपासना के बिना जीवन अपूर्ण है, और राष्ट्र की सुदृढ़ता तभी संभव है जब उसकी जड़ें धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों में दृढ़ हों।

उन्होंने कहा कि वेद, उपनिषद और शाक्त परंपरा भारतीय सभ्यता की आत्मा हैं, और ऐसे आयोजनों के माध्यम से युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

महायज्ञ के दौरान यज्ञशाला में गूंजते वैदिक मंत्र, अग्नि में अर्पित आहुतियां, देवी राजराजेश्वरी की स्तुति और शिव-शक्ति उपासना से संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा है। आदि शंकराचार्य की दिव्य छवि और मां राजराजेश्वरी की महिमा श्रद्धालुओं के हृदय में आस्था और भक्ति की ज्योति प्रज्वलित कर रही है।

देश के विभिन्न हिस्सों से आए विद्वान आचार्य, संत-महात्मा और साधक इस महायज्ञ में सहभागिता कर रहे हैं। प्रतिदिन विशेष अनुष्ठान, प्रवचन, देवी-देवताओं की आराधना और धर्मोपदेश आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भाग ले रहे हैं।

इस दिव्य आयोजन को लेकर संत समाज, विद्वान आचार्यों और हजारों श्रद्धालुओं में गहरा उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रद्धालुओं का मानना है कि यह महायज्ञ न केवल व्यक्तिगत जीवन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा, बल्कि सामाजिक समरसता और राष्ट्र चेतना को भी सुदृढ़ करेगा।

महायज्ञ में कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ा दिया। समाजसेवी अरुण तिवारी, पूर्व विधायक दिनेश मिश्रा, बांदा-चित्रकूट की सांसद श्रीमती कृष्णा पटेल तथा उनके पति, पूर्व मंत्री शिव शंकर पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, धर्मप्रेमी नागरिक और स्थानीय लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

श्री शिवशक्ति महायज्ञ एवं राजराजेश्वरी महाआराधना के माध्यम से चित्रकूट एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बन गया है। यह आयोजन आने वाले समय में सनातन संस्कृति के संरक्षण, धर्म के प्रचार-प्रसार और सामाजिक जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

धर्म, आस्था और संस्कृति के इस महायज्ञ में सहभागिता कर श्रद्धालु स्वयं को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत महसूस कर रहे हैं, और सनातन चेतना के इस दिव्य अनुष्ठान को ऐतिहासिक बताया जा रहा है।

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