बांग्लादेश की नई सरकार हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर लगाएगी रोक शंकराचार्य अधोक्षजानन्द

Report By : संजय साहू, उपसम्पादक
चित्रकूट : चित्रकूट में मार्फ महादेव के पावन सानिध्य में आयोजित 10 दिवसीय शिव शक्ति महायज्ञ के दौरान शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द महाराज ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की और वहां हाल ही में गठित नई सरकार से बड़ी उम्मीदें जताईं। सायंकालीन पूर्णाहुति के पश्चात पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हुए हालिया चुनावों के बाद बनी नई सरकार लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप कार्य करते हुए हिंदू समुदाय पर हो रहे अत्याचारों पर प्रभावी रोक लगाएगी।
शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानन्द महाराज ने कहा कि बीते लगभग डेढ़ वर्ष से बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ लगातार अन्याय, उत्पीड़न और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं, लेकिन इन मामलों में कोई ठोस और निर्णायक कार्रवाई होते नहीं दिखी। इस कारण वहां रहने वाले हिंदू समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में नई सरकार का गठन एक सकारात्मक संकेत है, जिससे यह आशा बंधी है कि अब हालात में सुधार होगा।
उन्होंने बांग्लादेश के नव निर्वाचित प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि एक लोकतांत्रिक सरकार की यह जिम्मेदारी होती है कि वह देश के सभी नागरिकों की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करे, चाहे वे किसी भी धर्म या समुदाय से हों। शंकराचार्य ने विश्वास जताया कि नई सरकार संवेदनशीलता और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ वहां की स्थिति को नियंत्रित करने के लिए शीघ्र और प्रभावी कदम उठाएगी।
स्वामी अधोक्षजानन्द महाराज ने आगे कहा कि अब जब बांग्लादेश में एक निर्वाचित सरकार स्थापित हो चुकी है, तो लोकतांत्रिक और राजनीतिक स्तर पर संवाद के माध्यम से हिंदू समुदाय की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर प्रयास तेज किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मानवीय मूल्यों और धार्मिक स्वतंत्रता के सम्मान की अपेक्षा की जाती है।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि नई सरकार के ठोस प्रयासों से बांग्लादेश में जल्द ही हालात सामान्य होंगे और सभी समुदायों के बीच शांति, सौहार्द और आपसी विश्वास का वातावरण स्थापित होगा। शंकराचार्य के अनुसार, किसी भी देश की प्रगति और स्थिरता तभी संभव है जब वहां रहने वाले सभी समुदाय बिना भय के, समान अधिकारों के साथ जीवन यापन कर सकें।





