इटावा *क्लब फुट का इलाज जितना जल्द शुरू करें उतने ही बेहतर नतीजे होंगे-मुख्य चिकित्सा अधिकारी

*क्लब फुट का इलाज जितना जल्द शुरू करें उतने ही बेहतर नतीजे होंगे-मुख्य चिकित्सा अधिकारी*

*इटावा* जन्मजात *टेढ़े-मेढ़े पैर (क्लब फुट) से ग्रसित छोटे बच्चों के पंजे ठीक हो सकते हैं।* यह बच्चे सामान्य तरीके से चल व खेल सकते हैं जिससे उनकी जिंदगी बेहतर बनाई जा सकती है,इसलिए जिला अस्पताल में प्रत्येक मंगलवार को क्लब फुट से ग्रसित  बच्चों का निशुल्क इलाज किया जाता है। *यह कहना है मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.भगवान दास का।*
सीएमओ ने बताया कि अक्सर माता-पिता  बच्चों में इस तरह की समस्या होने पर परेशान हो जाते हैं और सही इलाज के बारे में जानकारी के अभाव में बच्चों का  समय से इलाज नहीं हो पाता।इसलिए इस बारे में जनपद के सभी सीएचसी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिया गया है कि प्रसव उपरांत यदि कोई बच्चा क्लब फुट समस्या से ग्रसित  दिखता है तो उसके इलाज के बारे में पूरी जानकारी अभिभावकों को दी जाए।उन्होंने बताया कि जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर क्लब फुट के इलाज के बारे में जागरूकता के लिए आने वाले समय में मिरेकल फुट संस्था के साथ मिलकर जागरूकता कार्यक्रम भी किए जाएंगे।
*जिला अस्पताल के ऑर्थो सर्जन डॉ.विष्णु मल्होत्रा ने बताया* कि क्लब फुट बीमारी से बच्चों के पैर जन्मजात टेढ़े मेढ़े हो जाते हैं।इसमें सही समय पर सही इलाज द्वारा बच्चे को जीवन भर के लिए दिव्यांग होने से बचाया जा सकता है।उन्होंने कहा जनपद के सभी अभिभावक जिनके बच्चे जन्मजात टेढ़े मेढ़े पैर की समस्या से जूझ रहे हैं वह जिला अस्पताल में प्रत्येक मंगलवार को आकर बच्चे का निशुल्क इलाज और उचित परामर्श ले सकते हैं।
*डॉ.विष्णु ने बताया* कि यदि नवजात शिशु को क्लब फुट की समस्या है तो उसका इलाज जितना जल्दी शुरू होगा  परिणाम उतने ही बेहतर आएंगे और इलाज में देरी हुई तो परिणाम बेहतर नहीं आते।उन्होंने कहा जिला अस्पताल द्वारा हम अपने स्तर से लोगों को जागरूक कर रहे हैं और इलाज के संदर्भ में जानकारियां भी उपलब्ध करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में अभी समाज के  लोगों को और जागरूक करना होगा जिससे नवजात शिशुओं का सही समय पर इलाज किया जा सके और उनके जीवन को बेहतर बनाया जा सके।
*हॉस्पिटल मैनेजर डॉ.निखिलेश ने बताया* कि अप्रैल 2021 से अब तक जिला अस्पताल में क्लब फुट से ग्रसित 23 बच्चों का इलाज किया गया है।उन्होंने बताया मिरेकल फुट फाउंडेशन की को-ऑर्डिनेटर रिचा के फोन नंबर 7208820504 पर भी संपर्क कर क्लब फुट से ग्रसित  बच्चों के अभिभावक इलाज संबंधी जानकारी ले सकते हैं।
*क्लब फुट क्या होता है-* यह एक स्थिति है जिसमें नवजात के एक या दोनों पंजे अंदर और नीचे की ओर मुड़े होते हैं।डॉ.विष्णु ने बताया क्लब फुट का  इलाज पोनसेटी विधि के अनुसार होता है। *इसके तीन चरण होते हैं-*
*पहला चरण-पंजे को व्यवस्थित तरीके से उसकी सही स्थिति में लाकर उस पर प्लास्टर चढ़ाते हैं जिसे कास्टिंग कहते हैं।इस प्रक्रिया में 4 से 8 हफ्ते तक का समय लगता है और बच्चे को किसी प्रकार का कोई दर्द नहीं होता।
*दूसरा चरण टेनोटॉमी-अधिकतर बच्चों के मामले में एड़ी  (एकिलीज टेड़ान) में एक मामूली से कट की जरूरत पड़ती है जिससे पंजा ऊपर व नीचे हरकत करने लायक हो जाता है।इस विधि में 3 हफ्ते का समय लगता है।
*तीसरा चरण ब्रेसिंग- इस चरण में पंजे को सही स्थिति में रखने के लिए दो जूतों वाली छड़ (ब्रेस) का उपयोग होता है।जब प्लास्टर हटाते हैं तो उसके तुरंत बाद बच्चे को ब्रेस बनाए जाते हैं,ब्रेस तीन  महीनों तक दिन रात पहनना चाहिए जिससे परिणाम बेहतर आते है

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर हमें फॉलो करें और हमसे जुड़े रहें।
(Follow us on social media platforms and stay connected with us.)

Youtube – https://www.youtube.com/@KarmakshetraTV
Facebook – https://www.facebook.com/karmakshetratvofficial
Instagram
https://www.instagram.com/karmakshetratvofficial/
Twitter – https://x.com/KarmakshetraTV
Whatsapp – https://www.whatsapp.com/channel/0029Vaz88DkG3R3nqmdV1H41

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!